बुलंदशहर के औरंगाबाद थाना क्षेत्र में फैंटम ड्यूटी पर तैनात 2025 बैच के सिपाही सुधीर ठाकुर ने सरकारी रायफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के औरंगाबाद थाना क्षेत्र में पुलिस विभाग को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। फैंटम ड्यूटी पर तैनात 2025 बैच के आरक्षी सुधीर ठाकुर ने सरकारी रायफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
इस बीच, घटना से पहले रिकॉर्ड की गई एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें सिपाही ने नौकरी और जिंदगी से ‘त्यागपत्र’ देने की बात कहते हुए वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रताड़ना और बीमारी के बावजूद छुट्टी नहीं देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
वायरल ऑडियो में लगाए प्रताड़ना के आरोप
घटना के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ऑडियो में सिपाही सुधीर ठाकुर कहते सुनाई दे रहे हैं, “मैं नौकरी और जिंदगी से त्यागपत्र दे रहा हूं।” ऑडियो में उन्होंने थाना प्रभारी राहुल चौधरी, मुंशी अंकित गुर्जर और एक अन्य सिपाही पर मानसिक प्रताड़ना देने तथा पेट में दर्द की शिकायत के बावजूद छुट्टी नहीं देने का आरोप लगाया है।
समझाने की कोशिश, लेकिन नहीं माने
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना से पहले मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने सुधीर ठाकुर को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने सरकारी रायफल से खुद को गोली मार ली। गोली लगते ही उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
परिवार ने उठाई अनुकंपा नियुक्ति की मांग
सिपाही की मौत के बाद उनके पिता ने सरकार से परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी देने की मांग की है। उनका कहना है कि उनके छोटे बेटे को नौकरी देकर परिवार को सहारा दिया जाए।
एसएसपी ने लिया तत्काल संज्ञान
एसपी सिटी अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि थाना औरंगाबाद से जुड़े वायरल ऑडियो और आरक्षी द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना का वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने तत्काल संज्ञान लिया है।
एसएसपी के निर्देश पर थाना प्रभारी राहुल कुमार, मुंशी अंकित गुर्जर और संबंधित सिपाही को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के पीछे की परिस्थितियों, वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता और लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का स्पष्ट रूप से पता चल सकेगा।

