नोएडा के सेक्टर-93 गेझा में सफाई के लिए सीवर में उतरे कर्मचारी की दम घुटने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सीवर में जहरीली गैसे के चलते कर्मचारी की मौत हुई।
नोएडा: सेक्टर-93 गेझा में मंगलवार रात सीवर की सफाई के लिए उतरे सफाईकर्मी की मौत हो गई। आशंका है कि सीवर में जहरीली गैस होने या ऑक्सिजन की कमी के कारण दम घुटने से हादसा हुआ। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस केस में अथॉरिटी ने ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट और इंजीनियर की सेवा समाप्त कर दी है।
सीवर में उतरने से हुई कर्मचारी की मौत
मृतक शिवा अपने परिवार के साथ सेक्टर 37 में रहते थे। बता दें कि नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में सीवरलाइन की सफाई का काम करा रहा है। इसी क्रम में सफाई कर्मचारी शिवा सीवर में उतरा। कुछ देर बाद जब वह बाहर नहीं निकला तो मौके पर मौजूद कर्मचारियों को अनहोनी की आशंका हुई। उन लोगों ने उसे निकालने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद शिवा को बाहर निकाला गया, लेकिन उसकी हालत गंभीर थी। उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
‘डेढ़ घंटे तक सीवर में पड़ा रहा शव’
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि होगी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि सफाईकर्मी को सीवर में उतारने से पहले सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। क्या शिवा को ऑक्सिजन सिलिंडर, गैस डिटेक्टर, सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट और अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे?
‘शव एक से डेढ़ घंटे तक सीवर में पड़ा रहा’
घरवालों का आरोप है कि हादसे की सूचना मिलने के बावजूद नोएडा प्राधिकरण का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। उनका दावा है कि शिवा का शव करीब एक से डेढ़ घंटे तक सीवर में ही पड़ा रहा और उसे बाहर निकालने में तत्परता नहीं दिखाई गई। उनका कहना है कि यदि समय पर बचाव अभियान चलाया जाता तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने घटना की निष्पक्ष जांच और उचित मुआवजा देने की मांग की है।

