बाराबंकी में एक शिक्षक परिजनों से वीडियो कॉल पर बात करने के बाद फांसी के फंदे पर झूल गया। पुलिस को शिक्षक का शव बंद कमरे में मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में सरकारी विद्यालय के एक शिक्षक ने फांसी के फंदे से लटक कर सुसाइड कर लिया। बताया जा रहा है कि 32 वर्षीय शिक्षक शुभाष्कर तिवारी अपने पिता से वीडियो कॉल पर बातचीत करने के तुरंत बाद घर में फांसी पर झूल गए। इनकी पत्नी छाया तिवारी बहराइच जिले के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक पद पर कार्यरत हैं। घटना के समय इनकी पत्नी और दो बच्चे लखनऊ में थे। सूचना के बाद पहुंची पुलिस जांच पड़ताल में जुट गई है।
पति-पत्नी प्राइमरी स्कूल में टीचर
पुलिस के मुताबिक, रामनगर पंचायत के धमेड़ी -2 मोहल्ले के निवासी शुभाष्कर तिवारी और उनकी पत्नी छाया तिवारी बहराइच जिले के प्राइमरी स्कूल में टीचर हैं। वह अपने परिवार के साथ लखनऊ में रहते थे। लेकिन परिवार में विवाद की वजह से शुभाष्कर दो दिनों से रामनगर पंचायत स्थित अपने मकान में ही रह रहे थे। सोमवार सुबह 8:50 बजे उसने अपने पिता सेवानिवृत जिला संख्यायिकी अधिकारी बृजकिशोर तिवारी से मोबाइल पर वीडियो कॉल कर बात की। इसके बाद उसने कमरे में ही फांसी लगाकर जान दे दी।
सुसाइड से पहले वीडियो कॉल पर पिता से की बात
घटना के समय वह घर में अकेले थे, जबकि उनकी पत्नी और बच्चे लखनऊ में मौजूद थे। सबसे दर्दनाक बात यह रही कि आत्मघाती कदम उठाने से कुछ देर पहले उन्होंने पिता से वीडियो कॉल पर बातचीत की थी। कॉल खत्म होने के तुरंत बाद परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। सूचना मिलने पर मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंचे तो मकान का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस और स्थानीय लोगों ने छत के रास्ते घर में प्रवेश किया। अंदर कमरे में शुभाष्कर तिवारी फांसी के फंदे से लटके मिले। उन्हें तत्काल नीचे उतारकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
गृह प्रवेश की थी तैयारियां, मातम में बदलीं खुशियां
स्थानीय लोगों ने बताया कि शुभाष्कर तिवारी ने हाल ही में रामनगर कस्बे में अपना नया मकान बनवाया था। परिवार अगले एक-दो दिनों में गृह प्रवेश की तैयारी कर रहा था। नए घर में खुशियों के साथ प्रवेश करने की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन उससे पहले ही हुई इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। शुभाष्कर अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गए हैं। घटना के बाद पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस को नहीं मिला कोई सुसाइड नोट
कोतवाली प्रभारी अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला सुसाइड का प्रतीत होता है। हालांकि, आत्महत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही पता चल सकेगा। फिलहाल छानबीन के दौरान पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

