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पुलिस का खौफनाक चेहरा: पुणे-लोनावला मार्ग पर परिवार को ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी देकर ₹5 लाख की रंगदारी, 2 कांस्टेबल और 3 वार्डन हिरासत में

पुणे जिले में हाईवे स्टेट पुलिस के दो कॉन्स्टेबल और तीन वार्डन को एक परिवार से पांच लाख रुपये वसूलने की कोशिश में हिरासत में लिया गया है. आरोपियों ने लोनावला जा रहे शिकायतकर्ता और उसके परिवार को ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे मांगे थे. घटना 5 और 6 जुलाई की रात को बताई जा रही है.

महाराष्ट्र के पुणे जिले में हाईवे स्टेट पुलिस के दो कॉन्स्टेबल और तीन वार्डन को एक परिवार से पांच लाख रुपये वसूलने की कोशिश के आरोप में हिरासत में लिया गया है. आरोप है कि इन लोगों ने वाहन चालक और उसके परिवार को ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे मांगे थे.

यह घटना 5 और 6 जुलाई की रात लोनावला जाते समय हुई. मामला सामने आने के बाद कामशेत पुलिस ने शिकायत दर्ज कर पांच लोगों को हिरासत में लिया है.

पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता अपने दोस्त और उसके परिवार के साथ लोनावला जा रहा था. रास्ते में छह लोगों ने उनकी गाड़ी रोक ली. इनमें ट्रैफिक वार्डन और खाकी वर्दी में मौजूद अन्य लोग शामिल थे. सभी ने रिफ्लेक्टिव जैकेट पहन रखी थी जिस पर एचएसपी यानी हाईवे स्टेट पुलिस लिखा था.

शिकायत के अनुसार आरोपियों ने शिकायतकर्ता को ड्रग्स से जुड़े मामले में फंसाने की धमकी दी और पांच लाख रुपये की मांग की. उन्होंने कहा कि अगर पैसे नहीं दिए तो कानूनी कार्रवाई होगी. इसके बाद आरोपी शिकायतकर्ता और गाड़ी में मौजूद बाकी लोगों को तलेगांव के पास एक एटीएम पर ले गए.

इसी दौरान शिकायतकर्ता के दोस्त ने अपनी स्मार्ट वॉच से किसी परिचित को मैसेज भेज दिया. आरोपियों को इस बात का पता चल गया. इसके बाद दो आरोपी गाड़ी से उतरकर अपनी एसयूवी में बैठे और मौके से फरार हो गए.

घटना के बाद पीड़ितों ने कामशेत पुलिस थाने पहुंचकर छह लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो कॉन्स्टेबल और तीन वार्डन समेत पांच संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है. एक आरोपी की अब भी तलाश जारी है.

कामशेत थाने के एक अधिकारी ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है और सबूतों के आधार पर औपचारिक गिरफ्तारी की जाएगी. वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक आकाश पवार ने कहा कि यह जांच की जा रही है कि क्या असल में कोई पैसा वसूला गया, शिकायतकर्ता को किस जगह रोका गया था और क्या पीड़ितों को कहीं और भी ले जाया गया था.

पुलिस ने साफ किया है कि यह मामला पुणे ग्रामीण पुलिस ने दर्ज किया है और वही इसकी जांच कर रही है, लेकिन जिन कर्मचारियों की जांच हो रही है वे हाईवे स्टेट पुलिस से जुड़े हैं न कि पुणे ग्रामीण पुलिस से.

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