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राम मंदिर के बाद MP के सिद्धपीठ बगलामुखी में भी चढ़ावे की चांदी और नगदी चोरी?

अयोध्या दान विवाद के बीच अब मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां बगलामुखी मंदिर में भी दान में मिली चांदी, आभूषण और नकदी में कथित अनियमितताओं के आरोपों से हड़कंप मच गया है. श्रद्धालुओं की शिकायतों के बाद कलेक्टर ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर सात दिन में रिपोर्ट मांगी है, जिससे पूरे मामले पर सभी की नजरें टिकी हैं.

अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान चोरी का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ, मध्य प्रदेश में आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में स्थित विश्व प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां बगलामुखी मंदिर से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां गैर सरकारी समिति गठित कर चांदी, आभूषण और नगदी रूप में विभिन्न दानों की चोरी जैसे गंभीर आरोप लगे हैं.

इस आरोप के चलते श्रद्धालुओं सहित प्रशासन के भी कान खड़े हो गये है. दरअसल,नलखेड़ा में मंदिर के रजत सौंदर्यीकरण के लिए मंदिर परिसर में एक गैर-शासकीय समिति द्वारा श्रद्धालुओं से नगद, स्वर्ण और रजत दान मिलने और उनके उपयोग में वित्तीय अनियमिताएं पाए जाने के आरोप लगे हैं. जिसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है. आगर मालवा की कलेक्टर प्रीति यादव ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय संयुक्त जांच दल का गठन किया है.

इस दल के अध्यक्ष मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बी.एस.सोलंकी होंगे. उनके साथ जिला कोषालय अधिकारी मनीष सोलंकी और नगर परिषद नलखेड़ा की मुख्य नगर पालिका अधिकारी मिनी अग्रवाल को सदस्य बनाया गया है. यह समिति सात दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेगी. कलेक्टर ने अपने आदेश में जांच समिति को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वह यह जांच करे कि क्या मंदिर परिसर में अधिकृत प्रबंधन व्यवस्था से अलग समानांतर दान संग्रह की व्यवस्था संचालित की गई है या चल रही है.

साथ ही समिति यह भी जांच करे कि श्रद्धालुओं से मिले नगद, सोना और चांदी का वास्तविक रिकॉर्ड क्या है, उसका लेखा-जोखा किस प्रकार रखा गया है, संबंधित बैंक खातों और अभिलेखों की स्थिति क्या है और इस पूरे मामले में किसी अधिकारी, कर्मचारी, मंदिर प्रबंधन या अन्य संबंधित व्यक्तियों की जवाबदेही बनती है या नहीं . कलेक्टर के आदेश में यह भी कहा गया है कि जांच दल तत्काल मंदिर परिसर का निरीक्षण करे.

आवश्यक दस्तावेज, साक्ष्य और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज करे और अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट और अनुशंसाएं सात दिनों में पेश करे. बरहाल इस तरह की सुगबुगाहट से काफी राज खुलने की संभावनाएं है. आपको बता दे की आगर मालवा जिले में स्थित मां बगलामुखी मंदिर पांडवकालीन मंदिर है. यहां पांडवों ने कौरवों पर विजय पाने के लिया शत्रु विजय यज्ञ किया था. यहां देशभर से कई वीआईपी के साथ- साथ लाखों भक्त आते हैं. अब यह मामला केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रशासनिक जांच के दायरे में आ चुका है. आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से यह साफ होगा कि शिकायतों में कितनी सच्चाई है, और प्रशासन आगे क्या कार्रवाई करता है.

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