ओंकारेश्वर मंदिर में वीवीआईपी दर्शन के नाम पर कॉन्स्टेबल ने गुजरात के श्रद्धालुओं से 13,200 रुपए ऐंठ लिए। खंडवा-एसपी और कलेक्टर तक बात पहुंची तो कॉन्स्टेबल को लाइन अटैच कर दिया गया है।
हाइलाइट्स
खंडवा में वीवीआईपी दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से ठगी
गुजरात के श्रद्धालुओं से कॉन्स्टेबल ने 13,200 रुपए ठगे
एसपी तक बात पहुंची तो कॉन्स्टेबल को किया लाइन अटैच
कॉन्स्टेबल को मंदिर एरिया में जाने पर लगाया प्रतिबंध
गुजरात से आए इन्हीं श्रद्धालुओं से कॉन्स्टेबल ने की ठगी
खंडवा: देश के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंगों में से एक, पावन तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में एक बार फिर आस्था और भक्ति के साथ आए श्रद्धालु ठगी का शिकार हुए हैं। देश के अलग-अलग कोनों से बाबा भोलेनाथ के दर्शन करने आने वाले भक्तों को कभी सुरक्षाकर्मियों की धक्कामुक्की का सामना करना पड़ता है, तो कभी वे धोखाधड़ी के जाल में फंस जाते हैं। इस बार ठगी का यह गंभीर मामला मांधाता थाने के आरक्षकों और स्थानीय साठगांठ से जुड़ा हुआ है।
भीड़ का फायदा उठाकर ऐंठे ₹13,200
गुजरात से श्रद्धालुओं का एक दल ओंकारेश्वर दर्शन के लिए पहुंचा था। ओंकारेश्वर मंदिर में भारी भीड़ होने के कारण परेशान श्रद्धालुओं ने वहां तैनात आरक्षक धर्मेंद्र गुर्जर से बेहतर दर्शन कराने की गुहार लगाई। बाहर से आए इन श्रद्धालुओं को मंदिर प्रबंधन द्वारा तय की गई आधिकारिक VIP दर्शन व्यवस्था और प्रोटोकॉल की सही जानकारी नहीं थी। इसी का फायदा उठाकर आरक्षक धर्मेंद्र गुर्जर ने स्थानीय जिला प्रशासन के ग्रुप से प्रोटोकॉल लिंक का उपयोग किया और वीआईपी दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से ₹13,200 वसूल लिए। हैरान करने वाली बात यह है कि यह राशि मंदिर प्रबंधन के पास जमा ही नहीं की गई।
SP और कलेक्टर का कड़ा एक्शन
मामला उजागर होने और विवाद बढ़ने पर खंडवा SP अगम जैन ने तत्काल प्रभाव से कड़ा एक्शन लिया। उन्होंने आरोपी आरक्षक धर्मेंद्र गुर्जर और अमन को तत्काल लाइन अटैच कर दिया है। साथ ही मांधाता थाना प्रभारी अनूप सिंधिया को मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। आरक्षकों के प्रभाव को देखते हुए SP ने लाइन अटैच अवधि के दौरान उनके मंदिर परिसर में प्रवेश पर भी पूरी तरह रोक लगा दी है।
VIP प्रोटोकॉल के नाम पर आने वाली किसी भी लिंक की पहले बारीकी से जांच की जाए, उसके बाद ही दर्शन की अनुमति दी जाए। ऋषव गुप्ता, खंडवा कलेक्टर
मंदिर के सुरक्षा गार्ड और फोटोग्राफर पहुंचे जेल
जांच के प्रथम चरण में यह साफ हो गया कि इस खेल में सिर्फ पुलिसकर्मी ही नहीं, बल्कि एक पूरा सिंडिकेट काम कर रहा था। ठगी के इस मामले में मंदिर ट्रस्ट द्वारा नियुक्त सुरक्षा गार्ड संजय मोरे और वहां फोटो खींचने वाले सचिन अग्रवाल के नाम भी सामने आए हैं। मंदिर प्रबंधन की शिकायत पर मांधाता थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।
वीडियो बनवाने का भंडाफोड़
कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी आरक्षकों ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर पीड़ित श्रद्धालुओं से एक वीडियो भी जारी करवाया था, जिसमें श्रद्धालु यह कहते दिख रहे थे कि उन्होंने कोई शिकायत नहीं की है। लेकिन पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी के आगे आरक्षकों की यह चालाकी धरी की धरी रह गई और सच सामने आ ही गया। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन मंदिर में सुरक्षा और पारदर्शी दर्शन व्यवस्था को लेकर और अधिक सतर्क हो गया है।

