छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा नगर पालिका में करोड़ों के विकास कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितता को लेकर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने शिकंजा कस दिया है। जबलपुर EOW ने पालिका अध्यक्ष प्रीति तिवारी और तत्कालीन CMO आर.एस. बाथम को 9 जुलाई को मूल दस्तावेजों के साथ तलब किया है।
भाजपा नेता की शिकायत पर अध्यक्ष और पूर्व CMO को EOW का समन
छिंदवाड़ा: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले की अमरवाड़ा नगर पालिका में हुए करोड़ों रुपये के विकास कार्य अब आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की जांच के रडार पर आ चुके हैं। कथित वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार के इस हाई-प्रोफाइल मामले में जबलपुर ईओडब्ल्यू ने कड़ा रुख अपनाते हुए नगर पालिका अध्यक्ष प्रीति तिवारी और तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) आर.एस. बाथम को नोटिस जारी कर दिया है।
दोनों ही जिम्मेदार चेहरों को आगामी 9 जुलाई को जबलपुर स्थित ईओडब्ल्यू के क्षेत्रीय कार्यालय में मूल फाइलों और स्वीकृतियों से जुड़े दस्तावेजों के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। जांच एजेंसी का यह कदम अमरवाड़ा की स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में एक बड़ा प्रशासनिक और सियासी हड़कंप ले आया है।
अमृत योजना 2.0 और सड़क निर्माण में गड़बड़ी के आरोप
भाजपा नेता मुकेश सूर्यवंशी द्वारा सौंपी गई इस विस्तृत शिकायत में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में नियमों को ताक पर रखने की बात कही गई है। शिकायत में मुख्य रूप से इन कार्यों पर सवाल उठाए गए हैं:
अमृत योजना 2.0 के तहत पेयजल टंकी का निर्माण।
पूरे शहर में पाइपलाइन बिछाने और फिल्टर प्लांट की स्थापना।
पालिका क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न वार्डों में बीटी सड़क निर्माण की गुणवत्ता।
टेंडर प्रक्रिया में मनमानी और चहेतों को नियम विरुद्ध वित्तीय भुगतान।
अमरवाड़ा से हरदा तक जांच का कनेक्शन
जांच के दायरे में आए तत्कालीन सीएमओ आर.एस. बाथम वर्ष 2023 से 2025 तक अमरवाड़ा में पदस्थ थे, जिसके बाद वे छिंदवाड़ा नगर निगम में उपायुक्त रहे और वर्तमान में वे हरदा नगर पालिका के सीएमओ का कार्यभार संभाल रहे हैं। ईओडब्ल्यू के अतिरिक्त पुलिस एएसपी स्वर्णजीत सिंह धामी ने नोटिस जारी होने की पुष्टि करते हुए कहा है कि प्राप्त सबूतों और बयानों के आधार पर ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की रूपरेखा तय होगी।
शिकायत के पीछे का राजनीतिक घटनाक्रम
इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के पीछे गहरी राजनीतिक पृष्ठभूमि भी चर्चा का विषय बनी हुई है। शिकायतकर्ता मुकेश सूर्यवंशी की पत्नी वार्ड-6 से पार्षद हैं और दो साल पहले उन्हें लोक निर्माण विभाग की सभापति पद से हटा दिया गया था। इसके बाद से ही अध्यक्ष और पार्षद गुट के बीच जारी खींचतान अब ईओडब्ल्यू की चौखट तक पहुंच गई है। हालांकि, पालिका अध्यक्ष प्रीति तिवारी ने फिलहाल नोटिस मिलने से इनकार करते हुए सभी विकास कार्यों को नियमानुसार और पारदर्शी बताया है।

