मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक हॉस्टल पर देर रात पथराव का मामला सामने आया है. घटना पिपलानी थाना क्षेत्र के पटेल नगर की है, जहां करीब आठ युवकों ने एक हॉस्टल पर पथराव कर दिया. पूरी वारदात हॉस्टल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है. घटना के बाद इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया और हॉस्टल में रह रहे छात्र भी दहशत में आ गए.
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पिपलानी थाना क्षेत्र से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने इलाके में हलचल मचा दी. पटेल नगर स्थित एक हॉस्टल पर देर रात करीब आठ युवकों ने पथराव कर दिया. घटना का वीडियो अब सामने आया है, जिसमें कुछ युवक हॉस्टल की ओर पत्थर फेंकते दिखाई दे रहे हैं. इस घटना को लेकर दो हॉस्टल संचालकों के बीच कारोबारी रंजिश के आरोप भी सामने आ गए हैं.
घटना भोपाल के पटेल नगर स्थित एक प्राइवेट हॉस्टल की है. हॉस्टल संचालक दुर्गेश तिवारी और शिवम सिंह का आरोप है कि देर रात करीब आठ युवक उनके हॉस्टल के बाहर पहुंचे और अचानक पथराव शुरू कर दिया. पत्थरबाजी हुई तो हॉस्टल में रह रहे छात्र घबरा गए. कुछ देर के लिए पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. पूरी घटना हॉस्टल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई.
हॉस्टल संचालकों का आरोप है कि इस हमले के पीछे दूसरे हॉस्टल संचालक पुष्पराज यादव का हाथ है. उनका कहना है कि इलाके में हॉस्टल कारोबार को लेकर प्रतिस्पर्धा चल रही है. आरोप है कि उन्हें व्यवसाय नहीं करने देने के मकसद से यह हमला कराया गया. हालांकि, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
घटना की सूचना मिलने के बाद पिपलानी पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया और कुछ आरोपियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 151 के तहत कार्रवाई की.
अब सवाल यही है कि जब घटना का वीडियो सामने आ चुका है और कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है, तब एफआईआर क्यों दर्ज नहीं हुई? इस मामले को लेकर एसीपी अदिति सक्सेना का कहना है कि फरियादियों के विस्तृत बयान दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की जाएगी. फिलहाल मामले की जांच जारी है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना की तफ्तीश कर रही है.

