मुंबई के चेंबूर इलाके में एक स्कूल बस पर पेड़ गिर गया। यह घटना चेंबूर के रोड नंबर 11 पर हुई। उस समय बस में स्कूली बच्चे सवार थे। इस हादसे में एक छात्र की मौत् हो गई जबकि 4 छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
मुंबई के चेंबूर इलाके से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां एक स्कूल बस पर पेड़ गिर गया। इस हादसे में एक छात्र की मौत हो गई, जबकि चार छात्र घायल हो गए हैं। पुलिसने बताया कि चेंबूर के रोड नंबर-11 पर स्थित यूनिवर्सल स्कूल की एक बस पर अचानक पेड़ गिर गया। इससे बस में सवार एक छात्र की मौत हो गई, जबकि चार अन्य छात्र घायल हो गए।
हादसे के समय कितने बच्चे बस में थे सवार?
जानकारी के अनुसार, हादसे के समय स्कूल बस में कुल 12 बच्चे सवार थे। अचानक पेड़ गिरने से बस को काफी नुकसान पहुंचा और उसमें सवार बच्चों में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में कुल 5 छात्रों को चोट आई थी, इसमें एक छात्र गंभीर रूप से घायल था। गंभीर रूप से घायल छात्र को शाम 4:23 बजे मृत घोषित कर दिया गया। छात्र की पहचान विहान श्रीवास्तव के रूप में हुई है। छात्र 11 साल का था।
चार छात्र चेंबूर के जेन अस्पताल में भर्ती
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और बचाव दल मौके पर पहुंचे। बस में फंसे सभी छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में घायल चार छात्रों का इलाज चेंबूर स्थित जेन अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है। घटना के बाद पुलिस, दमकल विभाग और अन्य राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंच गए तथा स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी बीएमसी
घटना के बाद बीएमसी समेत तमाम विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंच गए और राहत-बचाव कार्य में जुट गए। पेड़ के नीचे दबी बस को भी निकालने का काम शुरू किया गया, जो क्षतिग्रस्त हो चुकी है। मुंबई के डिप्टी मेयर संजय घाडी ने इसे दिल दहला देने वाली घटना बताते हुए जानकारी दी कि बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा।
मुंबई में ऐसी घटनाओं का दोहराव
मुंबई में मॉनसून की शुरुआत अभी हुई ही है। सोमवार रात बारिश शुरू हुई थी। फिर भी बारिश के मौसम की शुरुआत में ही एक गंभीर हादसा हो गया। आदर्श रूप से मॉनसून-पूर्व तैयारियों में नालियों की सफाई और सड़क किनारे लगे पेड़ों की जांच शामिल होनी चाहिए। कुछ पेड़ों की टहनियां सड़कों पर लटकी रहती हैं, और नगर निगम से उम्मीद की जाती है कि वह उनकी छंटाई करे। इसके अलावा, यह पहली बार नहीं है जब मुंबई में मॉनसून के दौरान पेड़ उखड़ने से कोई हादसा हुआ हो। अब सवाल उठाए जा रहे हैं कि प्रशासन पर्याप्त सावधानी बरतने में क्यों नाकाम रहता है।

