महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे के ‘ऑपरेशन टाइगर’ के धमाके के बाद अब उद्धव ठाकरे और करारा झटका लगा है। मुंबई में सबसे भरोसेमंद लोगों में शामिल सचिन अहीर शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार की मौजूदगी में विधान परिषद के उपासभापति के लिए नामांकन दाखिल किया।
मुंबई: शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे को एक और झटका लगा है। यूबीटी के विधान परिषद सदस्य (MLC) सचिन अहीर शिंदे गुट वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं। उन्होंने विधान परिषद में डिप्टी स्पीकर पद के लिए नामांकन दाखिल किया है। वरली से आदित्य ठाकरे की जीत में सचिन अहीर की बड़ी भूमिका मानी गई थी। सचिन अहीर को मुंबई की पॉलिटिक्स में उद्धव ठाकरे का सबसे ज्यादा विश्वासपात्र माना जाता था। अभी तक महाराष्ट्र में विधानपरिषद की उपसभापति नीलम गोरहे थीं। उनक कार्यकाल पूरा होने के बार शिवसेना ने सचिन अहीर का नामांकन दाखिल कराया है।
मजदूर नेता से डिप्टी स्पीकर का सफर!
सचिन अहीर (54) ने 1993 में राष्ट्रीय मिल मजदूर संघ के साथ अपना काम शुरू किया। सचिव पद पर रहने के बाद में संघ के अध्यक्ष चुने गए। इसके बाद सचिन अहिर 1996 से महाराष्ट्र राज्य राष्ट्रीय कामगार संघ के भी प्रमुख रहे हैं। उन्होंने मझगांव डॉक, महिंद्रा एंड महिंद्रा यूनियन आदि का भी नेतृत्व किया। उन्होंने इन सभी उद्योगों में मजदूरों के वेतन वृद्धि के समझौते करवाकर मजदूर आंदोलन को भी प्रभावित किया। इससे वह बड़ा नाम हासिल किया। वह इसके बाद 1999 से 2019 तक एनसीपी में रहे। शिवसेना में आने के बाद वर्ली सीट छोड़ी थी। वह मुंबई अंडरवर्ल्ड में डैडी का खिताब रखने वाले अरुण गवली रिश्ते में सचिन अहीर मामा हैं।
कौन हैं सचिन अहीर
वह 21 मार्च, 1972 को जन्मे सचिन अहिर मुंबई में दही हांडी फेस्टिवल के लिए जाने जाते हैं। वह अपनी पत्नी के साथ श्री संकल्प प्रतिष्ठान चलाते हैं। यह प्रतिष्ठान पूरे वर्ली में बेहद पॉपुलर है। सचिन अहिर वर्तमान में महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य हैं। इससे पहले वह तीन बार विधायकी का चुनाव भी जीत चुके हैं। वह पहली बार 1999 में विधायक बने थे। वह 2009 में महाराष्ट्र के हाउसिंग मिनिस्टर बने थे। उद्धव ठाकरे ने सचिन अहीर को 2020 में शिवसेना का डिप्टी लीडर नियुक्त किया था। सचिन अहीर ने राजनीति की शुरुआत शरद पवार की NCP से की थी। बाद में वह शिवसेना में आ गए थे। आदित्य ठाकरे की वरली सीट से जीत में सचिन अहीर की भूमिका मानी जाती है। पिछले चुनाव में शिवसेना ने आदित्य को हराने के लिए मिलिंद देवड़ा को उतारा था लेकिन आदित्य ठाकरे फिर भी जीत गए थे, जब मनसे ने संदीप देशपांडे को उतारा था।

