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करजन में खाकी शर्मसार : ‘कुख्यात’ कारिंदे हनुभा और पी.आई. पटेल की जुगलबंदी में पनपा नशे का साम्राज्य, क्या गृहमंत्री के आदेश करजन थाने की चौखट पर दम तोड़ देते हैं?

कुराली, सापा, कंडारी और करमडी में गूंज रहे जुए के ठिकाने और सुलग रही शराब की भट्टियां: क्या भ्रष्ट तंत्र एक और ‘जहरीली शराब कांड’ का इंतजार कर रहा है? कब चलेगा एसएमसी (SMC) का बुलडोजर?

वडोदरा / करजन : गुजरात में भले ही कागजों पर शराबबंदी के बड़े-बड़े दावे किए जाते हों, लेकिन वडोदरा जिले के करजन तालुका में जमीनी हकीकत बेहद खौफनाक और चौंकाने वाली है। करजन तालुका के गांव-गांव में आज इंग्लिश शराब, देसी शराब, वरली मटका जुआ और चरस-गांजे जैसे जानलेवा नशे के कारोबार बिना किसी कानून के डर के धड़ल्ले से चल रहे हैं। करजन की युवा पीढ़ी इस नशे के दलदल में बर्बाद हो रही है, और इस पूरे काले साम्राज्य के पीछे खाकी का एक ऐसा ‘महारथी’ बैठा है, जिसकी मर्जी के बिना करजन में पत्ता भी नहीं हिलता!

गांव-गांव में मौत का सामान और शहर से आने वाले जुआरी!

सूत्रों से मिली पुख्ता और सनसनीखेज जानकारी के अनुसार, करजन के ग्रामीण इलाकों में कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं:

कुराली गांव: यहाँ की नई नगरी में स्थित पानी की टंकी के पास खुलेआम वरली मटका का जुआ खिलाया जा रहा है।

सापा गांव: नई वसाहत (बस्ती) में वरली मटका का बड़ा जुआ चल रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस जुए के संचालक वडोदरा शहर से स्पेशल करजन में धंधा चमकाने आते हैं!

कंडारी गांव: पूरे गांव में जगह-जगह देसी शराब के अड्डे धमक रहे हैं, मानो पुलिस का कोई खौफ ही न बचा हो।

करमडी गांव: इस गांव में तो देसी शराब बनाने की भट्टियां चौबीसों घंटे जहर उगल रही हैं। यहाँ केमिकल युक्त जहरीली शराब तैयार की जा रही है। अगर कल को करजन की धरती पर कोई बड़ा ‘लट्ठाकांड’ (जहरीली शराब कांड) होता है और मासूमों की जान जाती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? क्या यह भ्रष्ट तंत्र किसी बड़ी तबाही और लाशों के ढेर का इंतजार कर रहा है?

कौन है यह ‘हनुभा’? पी.आई. पटेल का कमाऊ पूत या करजन का अघोषित राजा?

इस पूरे अवैध नेटवर्क को चलाने वाला मुख्य सूत्रधार करजन पुलिस स्टेशन के डी-स्टाफ में तैनात कलंकित पुलिस कांस्टेबल हनुभा बताया जा रहा है। हनुभा वही कारिंदा (वहीवटदार) है जो पहले भी इंग्लिश शराब के तस्करों (बुगलेगरों) के साथ सीधी साठगांठ में रंगे हाथों पकड़ा जा चुका है, और जिसे जिले से बाहर ट्रांसफर कर सस्पेंड भी किया गया था।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि इस भ्रष्ट कर्मचारी पर किस राजनीतिक गॉडफादर का हाथ है, जो सस्पेंड होने के बाद भी पूरी ढिठाई के साथ दोबारा करजन पुलिस स्टेशन में ही आकर बैठ गया? करजन पुलिस स्टेशन के पी.आई. पटेल के लिए यह हनुभा ‘कमाऊ पूत’ साबित हो रहा है। पी.आई. पटेल को सिर्फ पैसा कमाने में दिलचस्पी है, जिसके चलते पूरा तंत्र खरीद लिया गया है और महीने के लाखों रुपयों का भ्रष्टाचार सरेआम हो रहा है।

एलसीबी (LCB) तक पहुंचता है हफ्ता! गृहमंत्री और उपमुख्यमंत्री को खुली चुनौती?

करजन में सिर्फ शराब और जुआ ही नहीं, बल्कि गांजे और चरस की तस्करी भी पूरे जिले में नेटवर्क फैलाकर की जा रही है। ताज्जुब की बात यह है कि जिले की एलसीबी (LCB) भी इन अड्डों की तरफ से आंखें मूंदे बैठी है। सूत्रों का दावा है कि यह कारिंदा हनुभा जिले की एलसीबी तक भी हर महीने लाखों रुपये का हफ्ता पहुंचाता है! इस हनुभा की दादागिरी इस कदर बढ़ चुकी है कि वह राज्य के उच्च नेताओं और उपमुख्यमंत्री के आदेशों को भी अपनी जेब में लेकर घूमता है और सीधे सरकार को चुनौती देकर भाजपा सरकार की छवि को धूमिल कर रहा है।

‘महानगर मेट्रो’ के सीधे और तीखे सवाल:

  1. क्या वडोदरा जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) इस भ्रष्ट कारिंदे हनुभा और पी.आई. पटेल के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर इन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजेंगे?
  2. गांधीनगर की स्टेट मॉनिटरिंग सेल (SMC) की टीम करजन के कुराली, सापा, कंडारी और करमडी गांवों में कब छापेमारी करेगी और इन अड्डों को नेस्तनाबूद करेगी?
  3. राजनीतिक आकाओं के दम पर कूदने वाले शराब तस्करों और हफ्ताखोर खाकी के भ्रष्ट चेहरों के खिलाफ सूबे के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री कब लाल आंखें करेंगे?

करजन की जनता अब इस नरक जैसी स्थिति से त्राहिमाम-त्राहिमाम कर रही है। अगर ये अवैध धंधे और खाकी का यह भ्रष्टाचार जल्द ही बंद नहीं हुआ, तो ‘महानगर मेट्रो’ पुलिस और बूटलेगरों के इस नापाक गठजोड़ के इससे भी बड़े सबूत जनता के सामने लाकर महाविस्फोट करेगा!

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