पन्ना में राजू आदिवासी की किस्मत पल भर में बदल गई है। खनन के दौरान बेशकीमती हीरा मिला है। इसे राजू आदिवासी ने हीरा कार्यालय में जमा कर दिया है। इन पैसों से वह पक्का मकान बनाएगा।
मध्य प्रदेश के पन्ना में गरीब आदिवासी की किस्मत फिर से पलट गई है। काफी मेहनत के बाद राजू आदिवासी को एक बेशकीमती हीरा मिला है। उसकी कीमत लाखों में बताई जा रही है। हीरा मिलने का बाद राजू आदिवासी ने इसे हीरा कार्यालय में जमा करा दिया है। नीलामी के बाद उसका भुगतान किया जाएगा।
मजदूर है राजू आदिवासी
हीरा नगरी पन्ना में फिर एक बड़ा हीरा मिला है। इस बार अहिरगवां की एक निजी खदान से राजू आदिवासी नाम के मजदूर को 11 कैरेट 19 सेंट का उज्ज्वल किस्म का बेशकीमती हीरा मिला है। जानकारी के मुताबिक राजू आदिवासी रोज की तरह अपनी पट्टे की खदान में मिट्टी खोद रहा था। तभी उसे एक चमकता हुआ पत्थर दिखा।
चमक उठीं आखें
शक होने पर उसने साफ किया तो उसकी आंखें चमक उठीं। यह उज्ज्वल किस्म का हीरा निकला। खुशी से झूमते हुए राजू सीधे पन्ना हीरा कार्यालय पहुंचा और हीरा जमा करवा दिया। हीरा पारखी ने हीरे की जांच की। वजन 11 कैरेट 19 सेंट निकला। क्वालिटी उज्ज्वल किस्म की बताई जा रही है। इसकी अनुमानित कीमत 30 लाख रुपये से ऊपर आंकी गई है। असली कीमत नीलामी के बाद ही तय होगी।
कई सालों की मेहनत का है फल
पन्ना हीरा कार्यालय में जमा कराते समय राजू आदिवासी के चेहरे की खुशी देखने लायक थी। उसने बताया कि कई सालों से खदान में किस्मत आजमा रहा था। आज मेहनत रंग लाई। नीलामी से मिलने वाली राशि से वह अपने बच्चों को पढ़ाएगा और पक्का मकान बनाएगा।
पन्ना में पूरी होती है तमन्ना
पन्ना में गरीब-मजदूरों की तमन्ना होती है पूरी
पट्टा लेकर हीरे की तलाश में करते हैं खनना
कुछ लोगों हीरा तुरंत मिल जाता है तो कुछ लगता है सालों
कई सालों से राजू आदिवासी कर रहा था वहां मेहनत
गौरतलब है कि पन्ना जिले में अक्सर बड़े हीरे निकलते रहते हैं। पिछले महीने भी 8 कैरेट का हीरा मिला था। हीरा कार्यालय के अधिकारी ने बताया कि नियमानुसार हीरे की नीलामी की जाएगी। नीलामी से मिलने वाली राशि में से रॉयल्टी और टैक्स काटकर बाकी रकम राजू आदिवासी को दे दी जाएगी।

