डभोई के वसई-तरसाणा मार्ग पर निर्माणाधीन नाले में गिरी बाइक, अंटोली निवासी युवक की दर्दनाक मौत; सुरक्षा इंतजामों के अभाव पर लोगों में भारी आक्रोश
डभोई। विकास कार्यों में बरती जा रही लापरवाही एक बार फिर एक परिवार के लिए जानलेवा साबित हुई है। डभोई तालुका के वसई-तरसाणा मार्ग पर स्थित बामणिया नाले के पास चल रहे निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण 45 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में ठेकेदार और संबंधित विभाग के खिलाफ लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वाघोडिया तालुका के अंटोली गांव निवासी संजयभाई प्रभातभाई वसावा (45) डभोई में अपना निजी कार्य पूरा कर बाइक से अपने गांव लौट रहे थे। देर रात जब वह वसई-तरसाणा मार्ग से गुजर रहे थे, तब बामणिया नाले के पास चल रहे निर्माण कार्य का उन्हें अंदाजा नहीं हो सका।
बताया जा रहा है कि निर्माण स्थल पर किसी प्रकार का चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर, प्रकाश व्यवस्था या सुरक्षा अवरोध नहीं लगाया गया था। अंधेरे के कारण उनकी बाइक सीधे नाले के गहरे गड्ढे में जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि गंभीर चोटों के चलते उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
सुरक्षा नियमों की खुली अनदेखी
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा के बुनियादी नियमों का पालन नहीं किया गया। सामान्यतः ऐसे स्थानों पर रिफ्लेक्टर, चेतावनी संकेतक, लाल पट्टी, बैरिकेडिंग और “आगे कार्य जारी है” जैसे बोर्ड लगाए जाते हैं, ताकि वाहन चालक समय रहते सतर्क हो सकें।
लेकिन घटनास्थल पर ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी। लोगों का कहना है कि यदि आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए गए होते तो यह हादसा टाला जा सकता था।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
संजयभाई वसावा की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का कहना है कि एक जिम्मेदार व्यक्ति और परिवार के मुखिया की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही डभोई पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने दुर्घटना में मौत का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
हादसे के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों ने मांग की है कि केवल दुर्घटना का मामला दर्ज करने तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि मानव जीवन के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कठोर कार्रवाई ही भविष्य में ऐसे हादसों को रोक सकती है।

