नई दिल्ली, देश की राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक जंतर-मंतर मैदान एक बार फिर बड़े आंदोलन का केंद्र बन गया है। पिछले कई दिनों से ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही है। इस आंदोलन ने आज तब बहुत गंभीर और बड़ा मोड़ ले लिया जब देश के जाने-माने पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इस प्रदर्शन में सक्रिय रूप से शामिल हो गए और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर ‘आमरण अनशन’ पर बैठने का ऐलान किया है।
सोनम वांगचुक के अनशन से दिल्ली दरबार गरमा गया!
शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों के खिलाफ चल रहे इस विरोध प्रदर्शन में सोनम वांगचुक के आने से यह आंदोलन पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। सोनम वांगचुक ने खाना न खाकर साफ कर दिया है कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते। उनके इस अड़ियल रवैये की वजह से एडमिनिस्ट्रेशन और सरकार पर बहुत ज़्यादा दबाव बढ़ गया है।
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके का सनसनीखेज आरोप: ‘पानी और सफ़ाई बंद कर दी गई है!’
इस बीच, प्रोटेस्ट साइट से एडमिनिस्ट्रेशन की कथित दबाने वाली पॉलिसी सामने आ रही है। कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने मीडिया के सामने बड़े गुस्से के साथ एक गंभीर आरोप लगाया है, “जब से सोनम वांगचुक ने आमरण अनशन शुरू किया है, एडमिनिस्ट्रेशन ने प्रोटेस्ट करने वालों को परेशान करने के लिए जंतर-मंतर पर सफ़ाई और पीने के पानी की सुविधा पूरी तरह से बंद कर दी है।” प्रोटेस्ट करने वालों का कहना है कि इस तरह की हल्की चालों से आंदोलन को कुचला नहीं जा सकता।
जंतर-मंतर पर बहुत ज़्यादा तनाव, देश भर से सपोर्ट बढ़ा
अभी, जंतर-मंतर पर हालात बहुत ज़्यादा सेंसिटिव हो गए हैं। एक तरफ सोनम वांगचुक के पक्के इरादे वाले अनशन और दूसरी तरफ सुविधाओं में कटौती को लेकर प्रोटेस्ट करने वालों में बहुत गुस्सा है। इस आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर भी ज़बरदस्त ट्रेंड हो रहा है और लोग सरकार की इस पॉलिसी की बुराई कर रहे हैं। अब देखना यह है कि शिक्षा मंत्री और केंद्र सरकार इस बड़े विरोध और सोनम वांगचुक के अनशन के खिलाफ क्या रुख अपनाते हैं!

