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नर्मदा में मनरेगा का महाघोटाला: गरीबों के हक पर रसूखदारों का डाका, भाजपा नेता की पत्नी का नाम भी मस्टर रोल में!

नांदोद के वराछा ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार की गूंज, सबूतों के बाद भी प्रशासन ने मूंदी आंखें।
२५ किलोमीटर दूर गांव के लोग कागजों पर वराछा में मजदूरी करने आए? उपसरपंच के खुलासे से हड़कंप।

नर्मदा : सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मनरेगा’ (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) योजना, जिसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को रोजगार देना है, गुजरात के नर्मदा जिले में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती दिख रही है। नांदेड़ तालुका की वराछा ग्राम पंचायत में एक ऐसा ही चौंकाने वाला मनरेगा घोटाला सामने आया है, जहां गरीबों की मजदूरी के पैसों पर कथित तौर पर धनाढ्य और राजनीतिक रसूख रखने वाले लोग डाका डाल रहे हैं।

भाजपा नेता के परिवार का नाम मस्टर रोल में शामिल!

इस पूरे घोटाले में सबसे हैरान करने वाला मोड़ तब आया जब साल 2022 के मनरेगा मस्टर रोल (हाजिरी पत्रक) की जांच की गई। इसमें भरूच दूधधारा डेयरी के डायरेक्टर और नर्मदा जिला भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष निकुंज पटेल की पत्नी आशा पटेल और उनके भाई आशीष पटेल का नाम मजदूरी करने वालों की सूची में दर्ज पाया गया। इस खुलासे के बाद स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। जनता के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब अरबपति और रसूखदार लोग उठाएंगे?

२५ किमी दूर से आए ‘कागजी’ मजदूर?

घोटाले की परतें यहीं नहीं खुलतीं; मस्टर रोल में दर्ज श्रमिकों के पते और भी ज्यादा चौंकाने वाले हैं। जो मजदूर वराछा ग्राम पंचायत में काम करते दिखाए गए हैं, वे वराछा या उसके आस-पास के भी नहीं हैं। ये तमाम लोग वराछा से करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित हजरपुरा गांव के रहने वाले हैं। सवाल यह उठता है कि क्या वाकई 25 किलोमीटर दूर से लोग रोजाना वराछा में मजदूरी करने आते थे, या फिर यह सिर्फ सरकारी खजाने को चूना लगाने के लिए बनाया गया एक फर्जी खेल है?

उपसरपंच की शिकायत पर क्यों मौन है प्रशासन?

वराछा गांव के उपसरपंच मनीष पटेल ने इस पूरे फर्जीवाड़े और लाखों रुपये के गबन के खिलाफ पुख्ता सबूतों के साथ नर्मदा डीडीओ (जिला विकास अधिकारी) और नर्मदा कलेक्टर से लिखित शिकायत की है। लेकिन आरोप है कि भाजपा के बड़े नेताओं की संलिप्तता होने के कारण प्रशासनिक अधिकारियों ने इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। उपसरपंच की गुहार के बावजूद अब तक जांच की कोई ठोस कार्रवाई शुरू नहीं की गई है।
बॉक्स स्टोरी: मस्टर रोल में कौन से नाम हैं संदिग्ध?

वराछा ग्राम पंचायत के मस्टर रोल में हजरपुरा गांव के जिन लोगों के नाम संदिग्ध पाए गए हैं, उनकी सूची इस प्रकार है। जांच का विषय यह है कि क्या इन लोगों ने सच में जमीन पर उतरकर मजदूरी की है या सिर्फ इनके खातों का इस्तेमाल पैसे निकालने के लिए किया गया है?

जगदीशचंद्र हर्षद पटेल
दीपक कंचन पटेल
जगदीश चंदू पटेल
चीमन नगीन पटेल
मनोज नटवर पटेल
बलदेव शिवलाल पटेल
रोहित रतिलाल पटेल
मुकेश भीखूभाई पटेल
मेहुल कंचन पटेल
रवि भीखू पटेल
अरविंद नारायण पटेल
आकाश संजय पटेल

बड़ा सवाल:

भाजपा नेताओं के करीबियों के नाम सामने आने के बाद क्या निष्पक्ष जांच होगी? क्या नर्मदा जिला प्रशासन इस महाघोटाले के दोषियों को सजा दिला पाएगा या फिर हमेशा की तरह इस बार भी रसूख के आगे फाइलें दबा दी जाएंगी? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

वहाब शेख, नर्मदा

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