हैदराबाद : शहर को दहला देने वाले हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में हैदराबाद पुलिस के हाथ एक बहुत बड़ी सफलता लगी है। रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी विनय रंजन राय की पत्नी तनुजा की निर्मम हत्या और उनके घर से हुई सनसनीखेज लूटपाट के मामले में फरार चल रही मुख्य आरोपी ‘कल्पना’ को धर दबोचा गया है। हैदराबाद पुलिस की विशेष टीमों ने सटीक सूचना के आधार पर महाराष्ट्र के पुणे में छापेमारी की और कल्पना को हिरासत में ले लिया। अब उसे आगे की पूछताछ के लिए हैदराबाद लाया जा रहा है।
कैसे खुली गिरफ्तारी की राह?
हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस ने इससे पहले दो अन्य आरोपियों को हिरासत में लिया था। जब जांच अधिकारियों ने उनसे सख्ती से पूछताछ की, तो आरोपियों के हौसले टूट गए। उन्होंने ही पुलिस के सामने यह राज उगला कि वारदात की मुख्य कड़ी यानी कल्पना पुणे में छिपी बैठी है। इसके तुरंत बाद पुलिस की कई टीमें पुणे के लिए रवाना हुईं और इस अहम गिरफ्तारी को अंजाम दिया गया।
नेपाल का ‘साहू गैंग’ और दिल्ली की जेल का कनेक्शन
पुलिस की सघन तफ्तीश में इस हत्याकांड को लेकर रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हुए हैं। इस डकैती और हत्या के तार सीधे तौर पर नेपाल के कुख्यात ‘साहू गिरोह’ से जुड़े पाए गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी वारदात का मास्टर प्लान (स्केच) दिल्ली की एक जेल के अंदर बैठकर तैयार किया गया था। साजिश को अंजाम तक पहुंचाने के लिए साहू गैंग ने नेपाल, मुंबई और पटना के कई शातिर अपराधियों को कल्पना के साथ नेटवर्क में जोड़ा था।
मुंबई में छिपा है लूटा गया सोना
पुलिस रिमांड में आरोपियों ने यह भी कबूल कर लिया है कि हत्या के बाद लूटा गया सोना और कीमती सामान उन्होंने मुंबई में किसी गुप्त स्थान पर छिपाकर रखा है। अब पुलिस की अगली बड़ी चुनौती इस लूटे गए माल की बरामदगी करना है। कल्पना के हैदराबाद पहुंचने और उससे होने वाली पूछताछ के बाद इस इंटरनेशनल सिंडिकेट और हत्याकांड के कई और खौफनाक राज बेनकाब होने की पूरी उम्मीद है।

