वन विभाग की कार्रवाई से लकड़ी तस्करों में मचा हड़कंप, बिना वैध अनुमति के ले जाई जा रही थी कीमती लकड़ी
नवसारी जिले के चिखली क्षेत्र में वन विभाग ने अवैध गतिविधियों में लिप्त लकड़ी तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। खैर की कीमती लकड़ी की अवैध ढुलाई किए जाने की पुख्ता सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने छापेमारी कर दो टेम्पो में भरी लकड़ी का बड़ा जखीरा पकड़ा। विभाग ने करीब 2.35 लाख रुपये कीमत की खैर की लकड़ी और तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे दोनों वाहनों को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, चिखली वन विभाग की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग बिना अनुमति के खैर की कीमती लकड़ी टेम्पो में भरकर दूसरे स्थान पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने निगरानी शुरू कर दी। इसी दौरान संदिग्ध अवस्था में गुजर रहे दो टेम्पो को रोककर उनकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान दोनों वाहनों में अवैध रूप से भरी खैर की लकड़ी का बड़ा जखीरा मिला।
जांच के दौरान वाहन चालकों या उनमें सवार लोगों के पास लकड़ी के परिवहन से संबंधित कोई वैध अनुमति-पत्र अथवा आवश्यक दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद वन विभाग ने दोनों टेम्पो और लगभग 2.35 लाख रुपये बाजार मूल्य की लकड़ी जब्त कर ली। वन संपदा की चोरी और अवैध परिवहन के मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ वन संरक्षण कानून के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
उल्लेखनीय है कि खैर की लकड़ी काफी कीमती मानी जाती है। इसका उपयोग कत्था बनाने सहित विभिन्न औद्योगिक गतिविधियों में किया जाता है। इसी कारण इसकी अवैध कटाई और तस्करी की घटनाएं सामने आती रहती हैं। चिखली में वन विभाग की इस कार्रवाई से अवैध लकड़ी के कारोबार में शामिल लोगों में हड़कंप मच गया है।
वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि जब्त की गई लकड़ी कहां से काटकर लाई गई थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। इस पूरे मामले की तह तक पहुंचने के लिए संबंधित लोगों से पूछताछ और जांच जारी है।

