पंजाब के राजपुरा के पास हादसा, जान बचाने के लिए चलती ट्रेन से कूदे यात्री; राहत की बात, किसी की मौत नहीं, रेलवे ने जांच के दिए आदेश
अमृतसर। अमृतसर की ओर जा रही कर्मभूमि एक्सप्रेस में शुक्रवार दोपहर पंजाब के राजपुरा के पास भीषण आग लगने से बड़ा हादसा होते-होते टल गया। ट्रेन के चार जनरल डिब्बे अचानक आग की चपेट में आ गए। देखते ही देखते डिब्बों से धुएं के घने गुबार उठने लगे और आग की लपटें फैल गईं। घटना के बाद ट्रेन में सवार यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। भयभीत यात्री अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
जानकारी के अनुसार, आग लगने के समय जनरल डिब्बों में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे। अचानक डिब्बों में धुआं भरने से यात्रियों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। आग की लपटें और धुएं का गुबार देखकर लोगों में दहशत फैल गई। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि कई यात्रियों ने अपनी जान बचाने के लिए चलती ट्रेन से ही नीचे छलांग लगा दी। अचानक हुई इस घटना से यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और कुछ समय के लिए पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए प्रयास शुरू किए। वहीं रेलवे कर्मचारियों और पुलिस ने राहत एवं बचाव कार्य संभालते हुए यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने की कार्रवाई की। आग से प्रभावित डिब्बों में फंसे यात्रियों को निकालने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए बचाव दल जुटे रहे।
रेलवे के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, हादसा काफी गंभीर था, लेकिन राहत की बात यह रही कि इसमें किसी यात्री की मौत नहीं हुई और न ही किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है। सभी यात्रियों के सुरक्षित बच निकलने से रेलवे प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
फिलहाल रेलवे विभाग ने आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच के आदेश दिए हैं। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट सहित अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है। विशेषज्ञों की टीम यह पता लगाएगी कि आग किस वजह से लगी और चारों डिब्बे इसकी चपेट में कैसे आए। हादसे के कारण इस मार्ग पर रेल यातायात भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। रेलवे प्रशासन ने स्थिति सामान्य करने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

