छोटा उदेपुर/बोडेली। गुजरात सरकार की करोड़ों रुपये की लागत से तैयार राज्य के पहले रबर बाँध की बदहाल स्थिति सामने आई है। छोटा उदेपुर जिले के बोडेली तालुका के राजवासणा में हेरण नदी पर बना यह बाँध चोमासे के बाद पूरी तरह खाली पड़ा है। आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते वर्षा ऋतु के दौरान बाँध का रबर ब्लैडर समय पर नहीं उठाया गया, जिससे पानी का विशाल भंडार बहकर निकल गया।
जानकारी के अनुसार, बाढ़ नियंत्रण और जल संग्रहण के उद्देश्य से आधुनिक तकनीक से इस बाँध का निर्माण किया गया था। इसमें विशेष रबर ब्लैडर लगाए गए हैं, जिन्हें हवा या पानी भरकर ऊपर उठाया जाता है। इससे नदी के पानी को रोककर संग्रहित किया जा सकता है।
इस वर्ष नदी में पर्याप्त पानी होने के बावजूद समय पर ब्लैडर नहीं उठाए जाने से लाखों गैलन पानी व्यर्थ बह गया। इसका खामियाजा आसपास के किसानों और ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। किसानों को आगामी रबी और ग्रीष्मकालीन फसलों की सिंचाई के साथ पेयजल संकट की आशंका सता रही है।
मामले को लेकर स्थानीय किसानों में भारी आक्रोश है। लोगों ने सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारियों से पूरे प्रकरण की जाँच कराने तथा लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और अभियंताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद बाँध का खाली रहना सरकारी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

