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अमेरिका-पाकिस्तान से CJP को मिली फंडिंग? क्राइम ब्रांच की पूछताछ के बाद आशुतोष रांका का जवाब

सौरभ दास, आशुतोष रांका और अजिक्य शिंदे से क्राइम ब्रांच की पूछताछ खत्म हुई. बाहर आने के बाद रांका ने जांच में सहयोग दोहराया और विदेशी फंडिंग के आरोपों पर जितेंद्र सिंह से जवाब मांगते हुए वोट चोरी, पेपर लीक और बेरोजगारी के सवाल उठाए.

दिल्ली में सौरभ दास, आशुतोष रांका और अजिक्य शिंदे से क्राइम ब्रांच ने पूछताछ की है. तीनों से 13 अक्टूबर की घटनाओं को लेकर सवाल-जवाब किए गए. पूछताछ के बाद बाहर निकलने पर उन्होंने मीडिया से बातचीत की. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता आशुतोष रांका ने कहा कि यह एक सामान्य जांच थी और वे किसी भी एजेंसी की जांच में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं. पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और अमेरिका से फंडिंग को लेकर भी उन्होंने जवाब दिए.

आशुतोष रांका ने कहा, “आज 13 अक्टूबर की घटनाओं को लेकर सामान्य पूछताछ हुई. हमने पहले भी कहा है और फिर दोहरा रहे हैं कि जांच चाहे कोई भी एजेंसी करे, हम पूरा सहयोग करेंगे. जंतर-मंतर पर या कहीं भी, यहां तक कि किसी सार्वजनिक सड़क पर तिरंगा दिखाना अपराध नहीं माना जाना चाहिए. हमें भरोसा है कि सभी जांच निष्पक्षता और सही मंशा के साथ होंगी. हम जांच में पूरा सहयोग करेंगे.”

विदेशी फंडिंग के आरोपों पर उठाए सवाल

आशुतोष रांका ने विदेशी फंडिंग के आरोपों को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अगर विदेशी फंडिंग का मामला था तो जितेंद्र सिंह उनसे हाथ क्यों मिला रहे थे और बातचीत क्यों कर रहे थे? उनके मुताबिक, उस समय उनके साथ बैठकर चाय-नाश्ता भी किया गया था. उन्होंने कहा कि जितेंद्र सिंह से इस बारे में जवाब मांगा जाना चाहिए.

आशुतोष रांका ने पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और अमेरिका से फंडिंग मिलने के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि देश के असली मुद्दों से ध्यान हटाकर बार-बार पुराने आरोप दोहराए जा रहे हैं. उन्होंने सवाल किया कि देश में वोट चोरी के आरोपों पर सरकार के पास क्या जवाब है और ज्ञानेश कुमार को सरकार क्यों बचा रही है.

सीजेपी प्रवक्ता ने पेपर लीक और बेरोजगारी का मुद्दा भी उठाया. आशुतोष रांका ने कहा कि इन सवालों का जवाब देने के बजाय 12 साल पुराने एजेंडे को फिर से सामने लाया जा रहा है. उन्होंने दोहराया कि अगर विदेशी फंडिंग के आरोप सही थे तो संबंधित लोग उनके साथ बैठकर बातचीत और मेल-मिलाप क्यों कर रहे थे.

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