भोपाल में 40 साल के रैपिडो ड्राइवर नरेंद्र सिंह राजपूत की मौत के मामले में लोन के नाम पर कथित ठगी का आरोप सामने आया है. परिवार के मुताबिक, 12.50 लाख रुपये का मुद्रा लोन दिलाने का भरोसा देकर उनसे करीब 5.50 लाख रुपये लिए गए थे. मौत से पहले नरेंद्र ने 13 मिनट का वीडियो बनाया, जिसमें पुलक सक्सेना पर आरोप लगाए. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
भोपाल के 40 साल के नरेंद्र सिंह राजपूत ने मरने से पहले करीब 13 मिनट का एक वीडियो बनाया. इस वीडियो में उन्होंने एक शख्स का नाम लिया. आरोप लगाया कि उसने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर मुद्रा लोन दिलाने का भरोसा दिया था. कहा था कि 12.50 लाख रुपये का लोन मिल जाएगा. इसी उम्मीद में नरेंद्र ने उसे करीब 5.50 लाख रुपये दे दिए. लेकिन लोन नहीं मिला. पैसे भी वापस नहीं आए. दूसरी तरफ, जिन लोगों से नरेंद्र ने उधार लिया था, वे अपनी रकम मांग रहे थे. परिवार के मुताबिक, धीरे-धीरे यह दबाव बढ़ता गया. नरेंद्र रैपिडो चलाकर घर का खर्च चलाते थे. अब उनके पास न लोन की रकम थी, न उधार चुकाने का कोई रास्ता.
फिर 6 नवंबर से पहले की उस घटना ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया. नरेंद्र भोपाल के अशोका गार्डन थाने पहुंचे. वहां उनकी तबीयत बिगड़ी. उन्हें हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. पुलिस ने पुलक सक्सेना नाम के उस व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर नरेंद्र ने वीडियो में पैसे लेने और धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे. उसके खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज किया गया है.
नरेंद्र सिंह राजपूत के परिवार के मुताबिक, पुलक सक्सेना ने खुद को सरकारी अधिकारी बताया था. उसने नरेंद्र को 12.50 लाख रुपये का मुद्रा लोन दिलाने का भरोसा दिया. इसके लिए कुछ खर्च होने की बात कही गई. नरेंद्र को लगा कि अगर इतना बड़ा लोन मिल गया तो परेशानियां कम हो जाएंगी. इसी भरोसे में उन्होंने करीब 5.50 लाख रुपये जुटाकर पुलक सक्सेना को दे दिए.
परिवार का आरोप है कि पैसे लेने के बाद भी लोन नहीं मिला. काफी इंतजार के बाद जब नरेंद्र ने अपनी रकम और लोन के बारे में पूछना शुरू किया, तो पुलक सक्सेना ने फोन उठाना बंद कर दिया. यहां नरेंद्र के सामने दोहरी परेशानी खड़ी हो गई. एक तरफ लोन नहीं आया, दूसरी तरफ जिन लोगों से उन्होंने पैसे उधार लिए थे, उन्हें रकम लौटानी थी. परिवार का कहना है कि कर्जदार लगातार पैसे मांग रहे थे. नरेंद्र की परेशानी बढ़ती जा रही थी.
मौत से पहले वीडियो में बयां किया दर्द
इस पूरे मामले में नरेंद्र का 13 मिनट का वीडियो सबसे अहम कड़ी बन गया है. वीडियो में नरेंद्र ने कहा कि मैं ये वीडियो पूरे होश में बना रहा हूं. इसी के साथ पुलक सक्सेना का नाम लिया और कहा कि वो बहुत बड़ा फ्रॉड इंसान है. नरेंद्र ने लोन के नाम पर पैसे लेने का आरोप लगाया. नरेंद्र ने वीडियो में अपनी आर्थिक परेशानी और इस पूरे मामले के बाद पैदा हुए हालात का जिक्र किया. अब पुलिस इस वीडियो की जांच कर रही है. यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि नरेंद्र और पुलक के बीच कितने पैसों का लेनदेन हुआ था, लोन दिलाने के लिए क्या वादा किया गया था और पैसे किस तरह दिए गए थे.
नरेंद्र की पत्नी ने इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि पुलक सक्सेना पर धोखाधड़ी का आरोप लगाने के बाद नरेंद्र ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत की थी. पत्नी के मुताबिक, उन्हें थाने जाने के लिए कहा गया था. इसी सिलसिले में नरेंद्र अशोका गार्डन थाने पहुंचे थे. परिवार को उम्मीद थी कि शिकायत पर कार्रवाई होगी और उन्हें उनके पैसे वापस दिलाने में मदद मिलेगी. लेकिन नरेंद्र की परेशानी कम नहीं हुई. पत्नी का कहना है कि वह लगातार तनाव में थे. लोन के नाम पर पैसे चले गए थे, उधार चुकाने का दबाव था और आरोपी से संपर्क भी नहीं हो पा रहा था.
नरेंद्र की मौत से जुड़ा एक अहम सवाल यह भी है कि थाने पहुंचने के बाद उनके साथ क्या हुआ? नरेंद्र की पत्नी के मुताबिक, थाने में चार-पांच कुर्सियां रखी थीं. उनके पति वहां लेट गए और उन्होंने जहरीली गोली खा ली. इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें उठाया और अस्पताल पहुंचाया. दूसरी तरफ, अशोका गार्डन थाना प्रभारी अनुराग लाल का कहना है कि नरेंद्र ने थाने के बाहर ही जहरीली गोली खा ली थी. इसके बाद वह थाने पहुंचे, जहां से उन्हें हमीदिया अस्पताल ले जाया गया. इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
थाना प्रभारी अनुराग लाल के मुताबिक, नरेंद्र ने पुलक सक्सेना पर लोन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया था. पुलिस ने पुलक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज किया है और उसे गिरफ्तार कर लिया है. अब जांच में कई सवालों के जवाब तलाशने होंगे. क्या पुलक सक्सेना ने वाकई खुद को सरकारी अधिकारी बताया था?
नरेंद्र से लिए गए 5.50 लाख रुपये कहां गए? क्या 12.50 लाख रुपये का मुद्रा लोन दिलाने का कोई आवेदन या दस्तावेज था? नरेंद्र ने पुलिस अधिकारियों से कब शिकायत की थी और उस पर क्या कार्रवाई हुई? थाने पहुंचने के बाद नरेंद्र के साथ क्या हुआ? नरेंद्र की मौत के बाद उनके परिवार के सामने कई मुश्किलें हैं. एक तरफ घर के कमाने वाले सदस्य की मौत का दुख है, दूसरी तरफ कथित ठगी और उधार की रकम से जुड़े सवाल हैं. फिलहाल, इस मामले में पुलक सक्सेना की गिरफ्तारी हुई है.

