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सीएम के कार्यक्रम में थी ड्यूटी, सादी वर्दी में मुर्गी लूटने पहुंच गया ASI दीपक परिहार, एसपी ने तुरंत किया सस्पेंड

शहडोल जिले में ड्यूटी के दौरान कथित तौर पर एक मुर्गी व्यापारी की पिकअप रोककर चार मुर्गियां जबरन लेने और विरोध करने पर कर्मचारियों से बदसलूकी करने वाले एएसआई दीपक सिंह परिहार को सस्पेंड कर दिया गया है। आरोपी पुलिसकर्मी को मुख्यमंत्री के ‘जन विश्वास अभियान’ कैंप में सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था।

शहडोल: अनुशासनहीनता और वसूली का एक मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने सख्त कदम उठाया है। जिले के एक सहायक उप-निरीक्षक (ASI) को मुर्गी व्यापारी की पिकअप रोककर चार मुर्गियां जबरन लेने और विरोध करने पर कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। एसपी संजय कुमार अग्रवाल ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

सीएम के कार्यक्रम में थी ड्यूटी

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, सीधी थाने में पदस्थ एएसआई दीपक सिंह परिहार की ड्यूटी जैसिंघनगर ब्लॉक के अंतर्गत बंसुकली में मुख्यमंत्री के’जन विश्वास अभियान’ कैंप में सुरक्षा के लिए लगाई गई थी। आरोप है कि वह अपनी तय ड्यूटी पर मुस्तैद रहने के बजाय सादी वर्दी में दूसरी जगह चला गया और वहां ग्रामीण आदिवासियों तथा व्यापारियों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार व मारपीट करने लगा।

पिकअप रोककर मुर्गियां छीनने का आरोप

अम्डह गांव के रहने वाले पोल्ट्री ट्रेडर तौकीर रजा ने शाहडोल एसपी संजय कुमार अग्रवाल को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत के अनुसार, एएसआई परिहार ने पहरिया के पास उनके कर्मचारियों की मुर्गी से भरी पिकअप को रुकवाया। इसके बाद जबरन चार मुर्गियां उठा लीं। जब कर्मचारियों ने इसका विरोध किया, तो पुलिसकर्मी ने उन्हें पीटने की धमकी दी।

फोन पर शिकायत की तो झाड़ने लगा रौब

व्यापारी तौकीर रजा का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने फोन पर इस हरकत का विरोध जताया, तो एएसआई ने उनसे भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और जहां चाहे शिकायत करने की खुली चुनौती दी। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने हस्तक्षेप किया और घटना के कुछ हिस्सों को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया।

एसपी ने लिया त्वरित एक्शन

‘जन विश्वास अभियान’ कार्यक्रम के दौरान जब इस घटना को लेकर मौखिक और लिखित शिकायतें एसपी तक पहुंचेंगी, तो पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया।

यह अधिकारी जन विश्वास कैंप में तैनात था। उक्त एएसआई सादी वर्दी में था और लोगों के साथ गलत व्यवहार कर रहा था। मुर्गा वसूलने की शिकायत भी मिली थी। उसे निलंबित कर दिया गया है और जांच बिठा दी गई है। संजय कुमार अग्रवाल, एसपी, शहडोल

विभागीय निलंबन की प्रक्रिया में क्या होता है?

निलंबन क्या है?: जब किसी सरकारी कर्मचारी पर गंभीर दुराचार, भ्रष्टाचार या ड्यूटी में लापरवाही के आरोप लगते हैं, तो जांच प्रभावित न हो इसलिए उसे सेवा से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया जाता है। निलंबन की अवधि के दौरान कर्मचारी को पुलिस लाइन या तयशुदा मुख्यालय से अटैच किया जाता है और उसे नियमों के तहत जीवन निर्वाह भत्ता मिलता है, जबकि विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही आगे की स्थायी कार्रवाई तय होती है।

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