प्रयागराज के झूसी इलाके में सोमवार को NEET परीक्षा की तैयारी कर रही 18 साल की एक छात्रा ने पिता की लाइसेंस रिवॉल्वर से आत्महत्या कर ली. मौके से मिले सुसाइड नोट में उसने परीक्षा पास न कर पाने की बात लिखकर परिजनों से माफी मांगी है. फिलहाल, पुलिस जांच-पड़ताल कर रही है.
प्रयागराज जिले के झूसी थाना क्षेत्र स्थित त्रिवेणीपुरम निवासी 18 वर्षीय छात्रा ने अपने पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. मृतका मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में असफल होने के बाद अगले राउंड की तैयारी कर रही थी. सोमवार को हुई इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
सुसाइड नोट में मांगी माफी
डीसीपी (सिटी) सागर जैन के अनुसार, छात्रा देर रात 4-5 बजे तक पढ़ाई करती थी और दोपहर 2:30 बजे सोकर उठती थी. सोमवार दोपहर 3 बजे तक न उठने पर परिजनों ने कमरा चेक किया, तब घटना का पता चला. मौके से मिले सुसाइड नोट में उसने लिखा कि वह कभी NEET परीक्षा पास नहीं कर पाएगी, इसलिए उसे माफ कर दिया जाए.
छात्रा के पिता भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के रिटायर्ड इंजीनियर हैं. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
डिप्रेशन का जिक्र
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, मृतका के पास से 10 पन्नों का एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है. इनमें से दो पन्नों को उसने काट दिया था, जबकि बाकी 8 पन्नों में अपने मन की बातें लिखीं. उसने अपनी पढ़ाई, भविष्य और पिछले दो साल से चल रही परेशानी के बारे में विस्तार से बताया. रिपोर्ट्स के अनुसार, उसे परीक्षा में असफलता या काउंसलिंग से जुड़े तनाव का सामना करना पड़ रहा था. सुसाइड नोट में मानसिक तनाव और पिछले कई वर्षों से मन में चल रहे अनचाहे विचारों (OCD/डिप्रेशन) का भी जिक्र है.

