संकरी सड़कें, जमीन की कमी और मेट्रो कॉरिडोर बने बाधा; फिलहाल मणिनगर और वटवा-विंझोल में ही निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ी
अहमदाबाद। शहर में बढ़ते यातायात के दबाव और रेलवे फाटकों पर लगने वाले लंबे जाम से राहत दिलाने के लिए 9 प्रमुख रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन यह महत्वाकांक्षी परियोजना अब कई तकनीकी और भौगोलिक चुनौतियों में उलझ गई है। संकरी सड़कें, जमीन की कमी, भूमिगत उपयोगिता लाइनें और मेट्रो रेल का नेटवर्क ओवरब्रिज निर्माण की राह में बड़ी बाधा बन रहे हैं। अहमदाबाद महानगरपालिका ने भी कुछ स्थानों पर निर्माण की व्यावहारिकता को लेकर आपत्ति जताई है।
योजना के तहत चुने गए कई रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है। ऐसे में सड़क चौड़ी करने के लिए जमीन अधिग्रहण और आसपास के निर्माण हटाने की जरूरत पड़ सकती है। इसके अलावा जमीन के नीचे से गुजरने वाली जल निकासी, पेयजल, गैस और संचार की पाइपलाइन व केबल को दूसरी जगह स्थानांतरित करना भी चुनौतीपूर्ण है। कई मार्गों पर मेट्रो रेल के खंभे और कॉरिडोर पहले से मौजूद हैं, जिससे ओवरब्रिज की रूपरेखा तैयार करने के लिए जरूरी जगह नहीं मिल पा रही है।
इन परिस्थितियों के चलते सभी 9 स्थानों पर निर्माण एक साथ शुरू होने की संभावना कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है। महानगरपालिका ने भी तकनीकी और भौगोलिक दिक्कतों का हवाला देते हुए कुछ स्थानों पर ओवरब्रिज निर्माण को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
हालांकि, इन अड़चनों के बीच मणिनगर और वटवा-विंझोल के लोगों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। इन दोनों रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण की दिशा में भारतीय रेलवे के गतिशक्ति विभाग ने प्रारंभिक सर्वेक्षण और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। साथ ही निविदा से जुड़ी तैयारियां भी आगे बढ़ाई जा रही हैं।
इन दोनों फाटकों पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहन चालकों को ट्रेन गुजरने के दौरान लंबा इंतजार करना पड़ता है। ओवरब्रिज बनने से जाम की समस्या कम होने और आवागमन सुगम होने की उम्मीद है। वहीं, बाकी सात रेलवे क्रॉसिंग पर निर्माण कब शुरू होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में अहमदाबाद के नागरिकों की नजर अब प्रशासन के अगले फैसले पर टिकी है।

