अहमदाबाद नगर निगम के एस्टेट विभाग की कार्रवाई पर जताई नाराजगी, जमालपुर और खाडिया वार्ड के पार्षदों ने अधिकारियों को घेरा
अहमदाबाद। दिवाली के त्योहार से पहले शहर के भद्रकाली मंदिर के पास सड़क किनारे दुकान लगाकर आजीविका चलाने वाले छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी वालों पर अहमदाबाद नगर निगम के एस्टेट विभाग की कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विभाग की टीम द्वारा दुकानदारों को हटाने और उनका सामान हटाने की कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद स्थानीय स्तर पर विरोध तेज हो गया। दुकानदारों की रोजी-रोटी प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए जमालपुर और खाडिया वार्ड के पार्षद भी उनके समर्थन में मौके पर पहुंच गए।
जानकारी के अनुसार, दिवाली के दौरान भद्र इलाके में कई छोटे दुकानदार अस्थायी दुकानें और ठेले लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आरोप है कि त्योहार से ठीक पहले एस्टेट विभाग की टीम ने इन दुकानदारों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। इससे व्यापारियों में नाराजगी फैल गई और मौके पर विरोध की स्थिति बन गई।
मामले की जानकारी मिलने पर जमालपुर वार्ड के पार्षद मुस्ताकभाई खादीवाला, सानिया नौमान पठान और डॉ. नजनीन ठाकोर तथा खाडिया वार्ड की पार्षद बिरजूबेन अल्पेशभाई ठक्कर और मीनाबेन संजयभाई नायक मौके पर पहुंचे। पार्षदों ने एस्टेट विभाग के अधिकारियों के सामने कार्रवाई का विरोध दर्ज कराया।
पार्षदों का कहना था कि दिवाली के समय कई गरीब परिवारों की आजीविका इन्हीं छोटी दुकानों पर निर्भर रहती है। ऐसे में त्योहार से ठीक पहले उन्हें हटाने से परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने मांग की कि दुकानदारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि त्योहार के दौरान वे अपना कारोबार कर सकें।
पार्षदों और स्थानीय लोगों के विरोध के बाद मौके पर कार्रवाई रुकने की जानकारी सामने आई है। दुकानदारों की मांग है कि नगर निगम त्योहार के दौरान उन्हें राहत दे और उनकी आजीविका को ध्यान में रखते हुए उचित व्यवस्था करे। वहीं, पार्षदों ने चेतावनी दी है कि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो निगम के खिलाफ आगे भी विरोध किया जाएगा।

