कालावाड़ रोड स्थित होटल में जन्मदिन की पार्टी के दौरान पकड़े गए थे 76 से अधिक लोग, आरोपियों की रिहाई के बाद पुलिस की कार्रवाई और जांच पर उठे सवाल
राजकोट। गुजरात के राजकोट में कालावाड़ रोड स्थित सराज़ा होटल में सामने आए शराबकांड का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस मामले में जमानत पर रिहा हुए आरोपियों के कुछ वीडियो सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित होने के बाद विवाद बढ़ गया है। इन वीडियो को लेकर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई है और पुलिस की कार्रवाई तथा जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने सराज़ा होटल में छापेमारी की थी। बताया गया कि जन्मदिन की पार्टी की आड़ में होटल में शराब और हुक्के की महफिल चल रही थी। कार्रवाई के दौरान आयोजकों, मेहमानों और होटल कर्मचारियों सहित 76 से अधिक लोगों को पकड़ा गया था। पुलिस ने संबंधित लोगों की चिकित्सकीय जांच भी करवाई थी और रक्त के नमूने लिए थे।
मामले में कानूनी कार्रवाई के बाद कुछ आरोपियों को जमानत मिल गई। इसके बाद उनके वीडियो सामने आने से मामला फिर गरमा गया। लोगों का सवाल है कि इतनी बड़ी कार्रवाई के बावजूद आरोपियों के व्यवहार में कानून का भय दिखाई क्यों नहीं दे रहा है।
वहीं, पुलिस की जांच और आरोपियों के खिलाफ लगाई गई कानूनी धाराओं को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
फिलहाल, आरोपियों के वायरल वीडियो और पुलिस की भूमिका को लेकर मामला चर्चा में है। लोगों की नजर अब पुलिस के आगामी रुख और जांच की प्रगति पर टिकी हुई है।

