नोएडा में शनिवार रात हुए एक एनकाउंटर में पुलिस ने रणदीप भाटी गैंग के 50 हजार के इनामी वॉन्टेड शार्प शूटर माया त्यागी को मार गिराया। इस दौरान गोली लगने से दो पुलिसवाले भी घायल हो गए। माया त्यागी वर्ष 2019 में गोली लगने से घायल हुआ था और जेल से बाहर आते ही करने वारदात लगा।
नोएडा सेक्टर-126 क्षेत्र में शनिवार रात को हुई पुलिस मुठभेड़ में रणदीप भाटी गैंग से जुड़ा 50 हजार का इनामी शार्प शूटर अमन उर्फ माया त्यागी ढेर हो गया। वह बादलपुर थाने का वॉन्टेड अपराधी था। मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।
पुलिस के मुताबिक, नोएडा पुलिस और सीआरटी की टीम माया त्यागी की तलाश में अभियान चला रही थी। सेक्टर-126 क्षेत्र में पुलिस टीम से शनिवार को उसका सामना हो गया। खुद को घिरा देख बदमाश ने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसे भी गोली लगी। पुलिस द्वारा अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके पास से बाइक, पिस्तौल और कारतूस बरामद हुआ। वहीं, मुठभेड़ में सब इंस्पेक्टर नरेंद्र के पैर और कॉन्स्टेबल धीरज के हाथ में गोली लगी। दोनों घायल पुलिसकर्मियों का अस्पताल में इलाज जारी है। एनकाउंटर के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
वर्ष 2019 में भी थाना फेज-2 पुलिस के साथ माया त्यागी की मुठभेड़ हुई थी। उस दौरान पुलिस की गोली उसके दोनों पैरों में लगी थी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, जेल से बाहर आने के बाद वह फिर वारदात कर लगा। इस बार बादलपुर थाने में वॉन्टेड होने के कारण उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
चेकिंग के दौरान थाना सेक्टर-126 पुलिस व सीआरटी टीम एवं बदमाश के बीच हुई पुलिस मुठभेड़ में 01 बदमाश व 02 पुलिसकर्मी घायल, उपचार के दौरान चिकित्सकों ने घायल अपराधी को मृत घोषित कर दिया। घायल पुलिसकर्मी उपचाराधीन है, मौके से 01 मोटरसाइकिल व अवैध हथियार बरामद। उक्त के संबंध में @DCP_Noida द्वारा दी गई बाइट।
लंबे समय से पुलिस के निशाने पर था
पुलिस रणदीप भाटी गैंग से जुड़ाव के कारण उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। शनिवार की मुठभेड़ में उसकी मौत के बाद पुलिस गैंग के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटा रही है। रणदीप भाटी गिरोह हत्या, रंगदारी, जमीनों पर कब्जे और संगठित आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है। गैंग के सदस्य नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में आपराधिक वारदातों को अंजाम देते रहे हैं। पुलिस ने उन पर कई बार कार्रवाई भी की है।
माया त्यागी के खिलाफ 19 मुकदमे दर्ज
अमन त्यागी उर्फ अक्षय उर्फ माया त्यागी पर मुजफ्फरनगर, गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में हत्या, लूट, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत 19 मुकदमे दर्ज थे। वह रणदीप भाटी, अमित कसाना और अनिल दुजाना गैंग के लिए शार्प शूटर और अवैध धन उगाही का काम करता था। वर्ष 2012 से 2026 तक उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज हुए। इनमें छपार, दादरी, बादलपुर, बिसरख और फेज-2 थाने के मामले शामिल हैं। उसका आपराधिक नेटवर्क पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों तक फैला था।
मुजफ्फरनगर से अपराध की शुरुआत
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, माया त्यागी का आपराधिक सफर मुजफ्फरनगर से शुरू हुआ था। वहां हत्या समेत कई गंभीर वारदातों में उसका नाम सामने आया था। आपसी रंजिश के चलते वह रॉबिन त्यागी के संपर्क में आया और उसके साथ गैंग में काम करने लगा। बाद में रॉबिन की दोस्ती रणदीप भाटी से हो गई। इसके बाद माया भी रणदीप भाटी से जुड़ गया।
पुलिस से बचने के लिए नोएडा-ग्रेनो में ठिकाना बनाया
माया त्यागी ने पुलिस से बचने के लिए नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र को अपना ठिकाना बना लिया था। बताया जाता है कि माया कई वर्षों तक रणदीप भाटी गैंग के लिए काम करता रहा। वह गैंग का शार्प शूटर माना जाता था। उसकी पहचान ऐसे अपराधी के रूप में थी, जो गैंग के इशारे पर हत्या की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस के मुताबिक, वह सामान्य लूटपाट की घटनाओं में शामिल होने से बचता था, लेकिन सुपारी लेकर हत्या करने और गैंगवार में उसकी भूमिका रही थी।
जिले के कई चर्चित हत्याकांड में नाम सामने आया
माया त्यागी का नाम पश्चिमी उत्तर प्रदेश और नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के कई चर्चित हत्याकांडों में सामने आया था। पुलिस के अनुसार ग्रेटर नोएडा के देवेंद्र भाटी हत्याकांड में उसकी भूमिका बताई गई थी। इसके अलावा झुम्मनपुरा के ठेकेदार की हत्या और जुनपत गांव में हुए दोहरे हत्याकांड में भी उसका नाम शामिल रहा। पुलिस ने जुनपत में राजकुमार शर्मा और उसके गनर की हत्या के मामले में भी उसकी भूमिका को अहम माना था। इन घटनाओं के बाद से ही वह पुलिस के रडार पर था। लगातार उसकी तलाश की जा रही थी।

