विशेष न्यायालय बड़वानी ने ग्राम पंचायत टाकली के भ्रष्टाचार मामले में निर्णय सुनाया है। पंचायत सचिव छतर सिंह गंगवाल और उसके भाई कुंवर सिंह गंगवाल को दोषी ठहराते हुए 10-10 साल की सजा दी गई। दोनों पर 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
हाइलाइट्स
विशेष न्यायालय बड़वानी ने पंचायत सचिव और उसके भाई को 10-10 साल की सजा सुनाई
भ्रष्टाचार के मामले में पंचायत सचिव और उसके भाई को 10-10 साल की सजा
विशेष न्यायालय बड़वानी ने सुनाया फैसला, तत्कालीन सरपंच को किया दोषमुक्त
बड़वानी: ग्राम पंचायत टाकली में भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी से जुड़े लोकायुक्त के एक मामले में विशेष न्यायालय बड़वानी ने तत्कालीन पंचायत सचिव और उसके भाई को 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों पर 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं, मामले के तीसरे आरोपी तत्कालीन सरपंच प्यार सिंह को दोषमुक्त कर दिया है।
लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में 13 जून 2017 को प्राप्त सूत्र सूचना के आधार पर तत्कालीन सरपंच प्यार सिंह, पंचायत सचिव छतर सिंह गंगवाल और उसके भाई कुंवर सिंह गंगवाल के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया था। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(डी), 13(2) तथा भारतीय दंड संहिता की धाराओं 419, 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत मामला दर्ज किया गया था।
फैसले के अहम बिंदु
लोकायुक्त ने 13 जून 2017 को दर्ज किया था मामला
18 जुलाई 2022 को विशेष न्यायालय में पेश किया गया चालान
31 अक्टूबर 2026 को अदालत ने सुनाया फैसला
दो आरोपियों को सजा, तत्कालीन सरपंच दोषमुक्त
लोकायुक्त एसपी इंदौर राजेश सहाय ने बताया कि प्रकरण की विवेचना पूरी होने के बाद 18 जुलाई 2022 को विशेष न्यायालय बड़वानी में चालान प्रस्तुत किया गया था। सुनवाई के बाद न्यायालय ने 31 अक्टूबर 2026 को फैसला सुनाते हुए तत्कालीन सचिव छतर सिंह गंगवाल और उसके भाई कुंवर सिंह गंगवाल को दोषी ठहराया और दोनों को 10-10 साल के कारावास एवं 5-5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं, तत्कालीन सरपंच प्यार सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।

