KGMU मेडिकल कॉलेज के ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने करीब साढ़े 3 घंटे तक चले मैराथन ऑपरेशन के बाद बच्चे के जबड़े से एक बड़ा ट्यूमर निकाला।
लखनऊ: लखनऊ स्थित KGMU यानी मेडिकल कॉलेज के ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने एक बार फिर एक जोखिम भरी सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर 3 साल के मासूम बच्चे को नया जीवन दिया है। डॉक्टरों ने करीब साढ़े 3 घंटे तक चले मैराथन ऑपरेशन के बाद बच्चे के जबड़े से 9 सेंटीमीटर लंबा और 8.5 सेंटीमीटर चौड़ा एक बड़ा ट्यूमर निकाला।
बताया जाता है कि इस भारी ट्यूमर के कारण मासूम के चेहरे का आकार बुरी तरह बदल गया था। बच्चे की बेहद कम उम्र और ट्यूमर के असामान्य आकार के चलते कई बड़े निजी और सरकारी अस्पतालों ने हाथ खड़े करते हुए ऑपरेशन करने से साफ इनकार कर दिया था। सबसे बड़ी चुनौती बच्चे के गले में एनेस्थीसिया की ट्यूब सुरक्षित तरीके से डालने को लेकर थी, जिसे KGMU के विशेषज्ञों ने कुशलतापूर्वक पार कर लिया।
हमीरपुर से दर-दर भटकता रहा परिवार
हमीरपुर जिले के रहने वाले 3 वर्षीय मासूम कृष्णा को कुछ समय पूर्व खेलते समय गिरने से चोट लग गई थी। परिजन जब उसे हमीरपुर के जिला अस्पताल ले गए तो वहां पर्याप्त चिकित्सीय सुविधाएं न होने के कारण उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। कृष्णा की पारिवारिक और आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। पिता के न होने से उसकी मां अकेले ही किसी तरह उसकी देखभाल करती हैं।
ट्यूमर के लगातार बढ़ने और कई शहरों के अस्पतालों द्वारा हाथ खड़े कर दिए जाने के बाद कृष्णा के मामा उसे लेकर 21 अक्टूबर को के ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग पहुंचे। यहां गहन रेडियोलॉजिकल जांचों में बच्चे के चेहरे के दाहिने निचले हिस्से में करीब 9×8.5 सेंटीमीटर का बड़ा ट्यूमर पाया गया, जिसके बाद सर्जनों ने बिना देरी किए ऑपरेशन का साहसिक निर्णय लिया।
ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. हरि राम की अगुवाई में विशेषज्ञ चिकित्सकों की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन थिएटर में मोर्चा संभाला। सफलतापूर्वक ट्यूमर निकाले जाने के बाद बच्चे को पोस्ट-ऑपरेटिव केयर के तहत पीडियाट्रिक्स विभाग की ICU में शिफ्ट किया गया है, जहां विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज आनंद की देखरेख में उसकी निरंतर निगरानी की जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे की हालत अब पूरी तरह स्थिर है और उसके सभी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानक (वाइटल्स) सामान्य हैं। चिकित्सकों ने भरोसा जताया है कि मासूम तेजी से स्वास्थ्य लाभ ले रहा है और बहुत जल्द उसे पूरी तरह स्वस्थ घोषित कर अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेज दिया जाएगा।

