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स्टॉक मार्केट में ज़्यादा रिटर्न के नाम पर अहमदाबाद में बड़ा स्कैम: दो साल में पैसे तीन गुना करने का वादा करके 100 इन्वेस्टर्स से 1.27 करोड़ रुपये ठगने वाले दो ठग गिरफ्तार!

अहमदाबाद शहर में आम और भोले-भाले इन्वेस्टर्स की मेहनत की कमाई को लूटने वाले इंटरस्टेट और ठग गैंग पर इकोनॉमिक ऑफेंस प्रिवेंशन विंग (EOW) और क्राइम ब्रांच ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। EOW ने उन बदनाम स्कैमर्स को गिरफ्तार किया है जिन्होंने स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करने और जल्द ही बड़ा रिटर्न देने का बड़ा वादा करके करीब 100 इन्वेस्टर्स से करोड़ों रुपये ठगे थे। इस खुलासे से फाइनेंस और स्टॉक मार्केट के नाम पर ठगी करने वालों में काफी हंगामा मच गया है।

दो साल में पैसे तीन गुना करने और 2.5 परसेंट मंथली रिटर्न का लालच!

मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने ‘डिसिप्लिन T&T वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड’ नाम से एक फर्जी कंपनी बनाई थी। इस कंपनी के ज़रिए लोगों को लालच दिया गया कि अगर वे शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करेंगे, तो सिर्फ़ दो साल में उनका पैसा तीन गुना हो जाएगा। इतना ही नहीं, इन्वेस्टर्स को अट्रैक्ट करने के लिए 2 से 2.5 परसेंट का आकर्षक मंथली रिटर्न देने का भी वादा किया गया था। इन लुभावने वादों में आकर, करीब 100 इन्वेस्टर्स ने अपनी ज़िंदगी भर की बचत इन जालसाज़ों के अकाउंट में जमा कर दी और कुल 1.27 करोड़ रुपये ज़ब्त कर लिए गए।

EOW की मास्टर स्ट्राइक: दो मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी

इस मामले में ‘डिसिप्लिन T&T वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड’ के मैनेजर विराट परमार, अलकेशपुरी गोस्वामी, भार्गव पंड्या और धर्मेश चौहान के ख़िलाफ़ लीगल क्रिमिनल कंप्लेंट दर्ज की गई थी। जांच तेज़ करते हुए अहमदाबाद EOW क्राइम ब्रांच टीम ने भार्गव पंड्या और अलकेशपुरी गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया है, जो इस क्राइम के मुख्य मास्टरमाइंड हैं। दूसरे फरार आरोपियों को भी पकड़ने की कोशिशें शुरू कर दी गई हैं।

फ्रॉड का असली काला निशान: 6 कंपनियाँ, 235 बैंक अकाउंट और एक पूर्व एयर फ़ोर्स कर्मचारी! पुलिस की जांच में इस फ्रॉड नेटवर्क को देखकर जांच अधिकारी भी हैरान रह गए हैं। इन अपराधियों का काम करने का तरीका बेहद चौंकाने वाला था:

पहले भी किए गए अपराध: गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ गांधीनगर के अडालज पुलिस स्टेशन में 3 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की ऐसी ही शिकायत दर्ज है।
छह (6) अलग-अलग फर्जी कंपनियां: इन जालसाजों ने जनता को ठगने के लिए सिर्फ एक नहीं बल्कि कुल 6 अलग-अलग संदिग्ध कंपनियां बनाई थीं।

235 से ज़्यादा बैंक अकाउंट: आरोपियों ने लोगों से जब्त किए गए पैसे का गलत इस्तेमाल करके और पुलिस से बचने के लिए संदिग्ध फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन करने के लिए करीब 235 अलग-अलग बैंक अकाउंट का इस्तेमाल किया।

देश की सेवा की आड़ में अपराध: पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ है कि गिरफ्तार आरोपियों में से अलकेशपुरी गोस्वामी पहले इंडियन एयर फोर्स में काम करता था। जब देश की रक्षा करने वाला व्यक्ति जनता के पैसे लूटने के इस खेल में शामिल हो, तो अपराध की हद का अंदाजा लगाया जा सकता है।

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