महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई से दबाव घटाने और नवी मुंबई से कनेक्टिविटी बढ़ाने के साथ तीसरी मुंबई के लिए पहला कदम बढ़ा दिया है। रविवार को सीएम फडणवीस ने नवी मुंबई एयरपोर्ट इनफ्लुएंस नोटिफाइड एरिया के विकास कार्यों की शुरुआत की। थर्ड मुंबई (जिसे ‘KSC न्यू टाउन’ या ‘मुंबई 3.0’ कहा जा रहा है। उसका मास्टर प्लान और विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने का काम सिंगापुर की कंपनी को सौंपा गया है।
हाइलाइट्स
नैना से लगेंगे नवी मुंबई के विकास को पंख, थर्ड मुंबई की तरफ बढ़ी महाराष्ट्र सरकार
महाराष्ट्र सरकार ने एक स्मार्ट और सस्टेनेबल सिटी के लिए योजना को बढ़ा आगे
सीएम फडणवीस ने कहा कि मुंबई से दबाव घटाने में मिली मदद, निकलेंगे नौकरियां
मुंबई : देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से दबाव घटाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने तीसरी मुंबई के लिए कदम बढ़ा दिए हैं। रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दोनों उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार की मौजूदगी में पनवेल तालुका के शिरढोण में नैना (नवी मुंबई एयरपोर्ट इन्फ्लुएन्स नोटिफाइड एरिया) के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इस मौके पर सीएम फडणवीस ने कहा कि थर्ड मुंबई यानी नैना क्षेत्र महाराष्ट्र के विकास का नया ग्रोथ इंजन बनने जा रही है। यह मुंबई पर बढ़ते बोझ को कम करने में मदद करेगी। सीएम ने कहा कि यहां करीब 15 लाख रोजगार पैदा करने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि इसमें पांच लाख नौकरियां ऊंचे वेतन वाली होंगी।
नवी मुंबई है दूसरी मुंबई
सीएम ने इस मौके पर चार महत्वपूर्ण पुलों का लोकार्पण भी किया और भूधारकों को संपत्ति पत्रक बांटे। महाराष्ट्र में पहली मुंबई के बाद, नवी मुंबई दूसरी और नैना क्षेत्र को तीसरी मुंबई के रूप में साकार किया जा रहा है। सरकार ने इसकी जिम्मेदारी सिडको को सौंपी है। वह विशेष नियोजन प्राधिकरण के रूप में करीब 225 वर्ग किलोमीटर में फैले 94 गांवों के विकास की जिम्मेदारी संभाल रही है। सरकार की योजना है कि यहां एजुसिटी, मेडिसिटी, स्पोर्ट्स सिटी, एरोसिटी और नॉलेज सिटी को साकार किया जाए। थर्ड मुंबई की परिकल्पना अगले 25 से 50 सालों की जरूरतों को ध्यान में रखकर की गई है। फडणवीस के मुताबिक पुणे, छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर की तरह ठाणे, नवी मुंबई, रायगड और पालघर भी विकास के प्रमुख केंद्र होंगे। सरकार मुबई, नवी मुंबई और तीसरी मुबई को सड़क और मेट्रो से जोड़ने पर भी जोर दे रही है।
‘नैना’ से ‘थर्ड मुंबई’ की शुरुआत
सरकार का मुख्य फोकस किसानों की उन चिंताओं को दूर करने पर है, जो ‘लैंड-पूलिंग’ योजना को लेकर हैं। इस योजना के तहत, जमीन मालिक अपनी 60% जमीन सरकार को सौंपते हैं, जिसके बदले में उन्हें 40% जमीन विकसित प्लॉट के रूप में वापस मिलती है। नवी मुंबई और मुंबई के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए इस पूरे नैना प्रोजेक्ट को ही ‘थर्ड मुंबई’ या ‘मुंबई 3.0’ कहा गया था। इसमें पनवेल, कर्जत, खालापुर, उरण और पेण जैसे रायगढ़ जिले के इलाके शामिल हैं।
तीसरी मुंबई की बड़ी बातें
नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को पूर्व दिशा से जोड़ने वाले एसबीआर-9, बीआर-4, बीआर-5 और उरण बाईपास पुल का लोकार्पण हुआ।
पुणे, पनवेल, ठाणे और कल्याण की ओर से राष्ट्रीय महामार्ग 4 बी के जरिये एयरपोर्ट पहुंचना तेज और सुगम होगा।
NAINA से 15 लाख नौकरियां मिलेंगी, जिनमें से 5 लाख अच्छी सैलरी वाली होंगी।
जिन लोगों की जमीन और घर इस विकास योजना का हिस्सा हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नवी मुंबई, रायगढ़ और आसपास के इलाकों में होने वाले इस विकास से इस पूरे क्षेत्र के ‘तीसरे मुंबई’ के तौर देखा जा रहा है।
तीसरी मुंबई को महाराष्ट्र के लिए विकास का एक नया इंजन माना जा रहा है।

