अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) ने अहमदाबाद शहर के बहुत व्यस्त और भीड़भाड़ वाले कोट इलाके में ट्रैफिक की समस्या को कम करने के लिए एक बड़ा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का प्लान बनाया है। यह प्रस्तावित प्रोजेक्ट शाहपुर दरवाजा, दरियापुर दरवाजा और कालूपुर रेलवे स्टेशन को जोड़ता है। इस प्रस्तावित प्रोजेक्ट में हेरिटेज स्मारकों की सुरक्षा से जुड़ी कानूनी रुकावटें आने के कारण अब इसका रूट बदलने (अलाइनमेंट बदलने) और दूसरे रास्ते खोजने का बड़ा फैसला लिया गया है।
रोज़ाना 7 लाख पैसेंजर ट्रैफिक का अनुमान
कालूपुर रेलवे स्टेशन के बड़े रीडेवलपमेंट और इसे मल्टी-मॉडल हब के तौर पर डेवलप करने और बुलेट ट्रेन स्टेशन के चालू होने के बाद, शाहपुर-कालूपुर रूट पर ट्रैफिक लोड बहुत ज़्यादा बढ़ने की संभावना है। AMC के शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, इस रूट पर रोज़ाना करीब 7 लाख लोग सफर करेंगे। इस भारी ट्रैफिक को आसानी से मैनेज करने के लिए शाहपुर दरवाज़े से कालूपुर रेलवे स्टेशन तक एक एलिवेटेड कॉरिडोर ज़रूरी माना जा रहा है।
प्रोटेक्टेड मॉन्यूमेंट्स के 100 मीटर के दायरे की कानूनी रुकावट
प्रस्तावित शाहपुर दरवाज़े से दरियापुर दरवाज़े कॉरिडोर के ओरिजिनल प्लान में एक बड़ी चुनौती आ गई है। यह रूट ऐतिहासिक और प्रोटेक्टेड मॉन्यूमेंट्स के 100 मीटर के दायरे में आता है। देश के आर्कियोलॉजिकल और हेरिटेज प्रोटेक्शन एक्ट के अनुसार, ऐसे ऐतिहासिक मॉन्यूमेंट्स के आस-पास एक तय दूरी के अंदर कोई भी बड़ा कंक्रीट स्ट्रक्चर या फ्लाईओवर बनाना मना है।
चूंकि अहमदाबाद को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का दर्जा मिला हुआ है, इसलिए AMC ऐतिहासिक धरोहरों और मॉन्यूमेंट्स की सुरक्षा को लेकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। इसी वजह से, कॉर्पोरेशन ने पुराने अलाइनमेंट को बेहतर बनाने का फैसला किया है।
दूसरे रूट और अंडरपास के लिए नया फीजिबिलिटी सर्वे
प्रोजेक्ट को रोकने के बजाय, AMC अब ट्रैफिक जाम को हल करने और धरोहर को बचाने के लिए नए ऑप्शन देख रही है:
रूट में बदलाव: प्रोटेक्टेड मॉन्यूमेंट्स से सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए एक नया अलाइनमेंट प्लान तैयार किया जा रहा है। अंडरपास इवैल्यूएशन: अगर एलिवेटेड फ्लाईओवर मुमकिन नहीं है, तो यह देखने के लिए एक टेक्निकल स्टडी भी की जा रही है कि क्या खास जगहों पर अंडरपास बनाए जा सकते हैं।
नया सर्वे: प्रोजेक्ट पर आगे बढ़ने से पहले, इंजीनियरिंग टीम और ट्रैफिक एक्सपर्ट्स टेक्निकल और लीगल दोनों पहलुओं को साफ करने के लिए एक नया फीजिबिलिटी सर्वे कर रहे हैं।
अहमदाबाद के लोग अब देख रहे हैं कि शहर की ऐतिहासिक विरासत को बचाते हुए भविष्य की ट्रैफिक जरूरतों को पूरा करने के लिए AMC की यह कोशिश कितनी जल्दी आकार लेती है।

