मध्यप्रदेश के मैहर जिले के अमरपाटन तहसील स्थित करही के पीएम श्री स्कूल में पदभार ग्रहण के दौरान कथित तौर पर जल छिड़कने का वीडियो वायरल होने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व प्राचार्य के सेवानिवृत्त होने के बाद नए प्रभारी प्राचार्य द्वारा कक्ष में जल छिड़कने को भीम आर्मी ने भेदभावपूर्ण मानसिकता और ‘शुद्धिकरण’ बताया है।
मैहर: जिले के अमरपाटन तहसील अंतर्गत करही स्थित शासकीय पीएम श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदभार ग्रहण के दौरान प्राचार्य कक्ष में जल छिड़कने का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद विवाद गहरा गया है। मामले को लेकर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने स्कूल परिसर के मुख्य द्वार पर करीब एक घंटे तक विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मौके पर पहुंचे तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर नवपदस्थ प्रभारी प्राचार्य के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
जल छिड़काव का वीडियो हुआ वायरल
जानकारी के अनुसार, विद्यालय में पदस्थ प्राचार्य रामसखा वर्मा (कोरी) 30 सितंबर को सेवानिवृत्त हुए थे। उनके सेवानिवृत्त होने के बाद वरिष्ठ शिक्षक रामसखेंद्र द्विवेदी को प्राचार्य पद का प्रभार सौंपा गया। इसी बीच एक वीडियो सामने आया, जिसमें कुर्सी पर मां सरस्वती की तस्वीर रखी दिख रही है और प्रभारी प्राचार्य रामसखेंद्र द्विवेदी पूजा-अर्चना के बाद हाथ में जल लेकर कक्ष व आसपास जल का छिड़काव करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान विद्यालय का अन्य स्टाफ भी वहां मौजूद था। वीडियो को जहां भीम आर्मी इसे 1 अक्टूबर का बता रही है, वहीं प्रभारी प्राचार्य का कहना है कि यह वीडियो 5 अक्टूबर का है।
भीम आर्मी ने लगाए गम्भीर आरोप
वीडियो सामने आने के बाद भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने स्कूल के सामने एकत्र होकर विरोध दर्ज कराया। संगठन के कार्यकर्ता सिद्धार्थ नालंदा ने आरोप लगाया कि पूर्व प्राचार्य अनुसूचित जाति वर्ग से थे। उनके सेवानिवृत्त होने के बाद नए प्रभारी प्राचार्य द्वारा कक्ष और कुर्सी पर गंगाजल व गौमूत्र छिड़ककर कथित शुद्धिकरण किया गया, जो भेदभावपूर्ण मानसिकता को दर्शाता है। संगठन ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
प्रभारी प्राचार्य बोले- आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत
आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए प्रभारी प्राचार्य रामसखेंद्र द्विवेदी ने कहा कि पूर्व प्राचार्य को 30 सितंबर को स्टाफ द्वारा सम्मानपूर्वक विदाई दी गई थी और उन्होंने विधिवत प्रभार सौंपा था। 5 अक्टूबर को जब वे स्कूल पहुंचे, तो स्टाफ द्वारा स्वागत कार्यक्रम रखा गया था। वहां मां सरस्वती की तस्वीर रखकर सामान्य पूजा-अर्चना की गई थी और पूजा के बाद जल का छींटा दिया गया था। किसी भी प्रकार के शुद्धिकरण या भेदभाव का आरोप पूरी तरह निराधार और गलत है।
तहसीलदार ने लिया ज्ञापन
हंगामे की जानकारी मिलते ही तहसीलदार रोशनलाल रावत मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर ज्ञापन प्राप्त किया। तहसीलदार रोशनलाल रावत ने बताया कि भीम आर्मी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन और वायरल वीडियो के आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुरूप नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

