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‘लाड़ली बहना ही बहुत महंगी पड़ गई…’, मंच से हंसते बोले मुख्यमंत्री मोहन यादव, ठहाकों से गूंज उठी सभा

रवींद्र भवन में आयोजित बुंदेली समागम में बिन्नू रानी के सवाल पर सीएम मोहन यादव ने चुटकी लेते हुए कहा- ‘लाड़ली बहना ही महंगी पड़ गई’. 1500 रुपये प्रतिमाह की राशि पर भी की बात. आगे पढ़ें पूरा वाकया…

राजधानी भोपाल के रवींद्र भवन में एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव का एक मजेदार अंदाज देखने को मिला. मंच पर बुंदेली संस्कृति, युवाओं और रोजगार जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा चल रही थी, लेकिन छतरपुर की चर्चित बुंदेली कंटेंट क्रिएटर बिन्नू रानी के एक सवाल ने माहौल को अचानक हल्का-फुल्का बना दिया.

‘बुंदेली बौछार’ के बुंदेली समागम में बाल कलाकार बिन्नू रानी ने मुख्यमंत्री से पूछा कि उन्होंने प्रदेश की ‘जिज्जियों’ यानी बहनों के लिए तो काफी कुछ किया है, लेकिन अब ‘बिन्नुओं’ यानी बेटियों के लिए उनका क्या प्लान है?

सवाल सुनकर मुख्यमंत्री मोहन यादव मुस्कुराए और मजाकिया अंदाज में बोले, ”तुमको मालूम नहीं, लाड़ली बहना ही बहुत महंगी पड़ गई. वैसे यह अंदर की बात है. मुझे क्या मालूम था कि मुख्यमंत्री बनते ही इतनी भारी मार पड़ती है.”

CM के इस जवाब के बाद पूरा हॉल ठहाकों और तालियों से गूंज उठा. इसके बाद मुख्यमंत्री ने बिन्नू रानी से मजाकिया अंदाज में कहा, ”अभी तुम इस योजना के लिए छोटी हो, थोड़ी और बड़ी हो जाओ, फिर फायदा मिल जाएगा.” मुख्यमंत्री के इस अंदाज पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जमकर तालियां बजाईं.

‘लाड़ली बहना’ पर भी बोले CM

बातचीत के दौरान मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद सरकार की आर्थिक जिम्मेदारियों का वास्तविक अंदाजा हुआ. इसके बावजूद सरकार महिलाओं के हित में फैसले लेने से पीछे नहीं हटेगी.

उन्होंने कहा कि योजना की शुरुआत 1000 रुपये प्रतिमाह की राशि से हुई थी, जो अब बढ़कर 1500 रुपये प्रतिमाह हो चुकी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि शुरुआती आर्थिक चुनौतियों के बावजूद सरकार का उद्देश्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और सशक्त बनाना है.

बता दें कि सितंबर 2026 में जारी सरकारी के अनुसार, इस योजना का लाभ प्रदेश की करीब 1.25 करोड़ महिलाओं को मिल रहा है. योजना की शुरुआत (2023) के बाद से अब तक सूची से 6.25 लाख से अधिक महिलाओं के नाम हट चुके हैं.

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