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महीसागर के गांगटा में महाकाय जमीन घोटाला: पूर्व विधायक के परिवार पर ‘झाड़ी जंगल’ की सरकारी जमीन हड़पने का गंभीर आरोप!

डी.आई.एल.आर. (DILR) की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: 5 हेक्टेयर से अधिक सरकारी जमीन पर अवैध कंपाउंड और निर्माण का पर्दाफाश
स्कूल के ठीक बगल में खतरनाक पटाखों का गोदाम, CNG पंप और क्रशर से मासूम बच्चों के भविष्य और सुरक्षा पर मंडराया बड़ा खतरा
करोड़ों की सरकारी जमीन हड़पने के बावजूद तंत्र खामोश: प्रशासनिक मिलीभगत या राजनीतिक दबाव?

गुजरात में भू-माफियाओं और सत्ता के नशे में चूर लोग किस हद तक कानून की धज्जियाँ उड़ाते हैं, इसका एक और खौफनाक उदाहरण महीसागर जिले के खानपुर तालुका के गांगटा गाँव में सामने आया है। मौजे गांगटा गाँव में सरकारी बंजर ‘झाड़ी जंगल’ की बेशकीमती जमीन को सत्ता के जोर पर हड़पने का एक बड़ा षड्यंत्र प्रकाश में आया है। सरकार की ही आधिकारिक तकनीकी एजेंसी DILR (डिफ़रेंशियल लैंड रिकॉर्ड्स) की रिपोर्ट ने यह साबित कर दिया है कि कैसे एक पूर्व विधायक और उनके परिवार ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा जमा लिया है। इस मामले में स्थानीय प्रशासन की संलिप्तता और मिलीभगत पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

  1. सत्ता के दुरुपयोग से जमीन एकत्रीकरण का खेल

प्राप्त विवरणों और संदर्भों के अनुसार, पूर्व विधायक जिग्नेशभाई सेवक और उनके परिवार ने अपनी सत्ता और प्रभाव का बेजा इस्तेमाल किया है। मामलतदार कार्यालय, खानपुर (बाकोर) के समक्ष प्रस्तुतियाँ देकर 16/12/2021 को एक आदेश हासिल किया गया था। इस आदेश की आड़ में गांगटा गाँव के अलग-अलग सर्वे नंबरों (जैसे 40/1, 55/3 और 41/पैकी 4) को एकत्रित करके नया सर्वे नंबर 40/1 बनाया गया, और इसी की आड़ में आसपास की सरकारी जमीन के साथ बड़े पैमाने पर हेरफेर की गई।

  1. सरकारी ‘झाड़ी जंगल’ जमीन पर डाका: 25 बीघा जमीन गटक गए भू-माफिया!

सरकारी रिकॉर्ड में जो जमीन स्पष्ट रूप से ‘झाड़ी जंगल सरकारी बंजर’ के रूप में दर्ज है, उस सर्वे नंबर 40/2 (कुल क्षेत्रफल 5-77-69 हेक्टेयर) की काली सच्चाई DILR की पैमाइश में बाहर आ गई है:

इस विशाल जमीन में से मौके पर मात्र 49 गुंठा जमीन ही खुली बची है!

बाकी बची अंदाजे 25 बीघा जितनी जमीन (5 हेक्टेयर 28 गुंठा) पर पक्की दीवार (कंपाउंड वॉल) बनाकर उसे निजी साम्राज्य की तरह हथिया लिया गया है।
DILR के नक्शे के मुताबिक सर्वे नंबर 40 में ‘L’ निशान वाली जगह पर ‘ज्ञान शक्ति विद्यालय’ द्वारा भी 4 हेक्टेयर 96 गुंठा 99 वर्ग मीटर जमीन पर सीधा अवैध कब्जा और निर्माण कर लिया गया है।

इतने बड़े पैमाने पर सरकारी जमीन पर अतिक्रमण होने की रिपोर्ट आए डेढ़ साल से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद, आज तक कोई ठोस अतिक्रमण हटाओ अभियान या कानूनी कार्रवाई न होना सीधे तौर पर राजनीतिक दबाव और अधिकारियों की संदिग्ध मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

  1. वन विभाग की सीमा में मूल्यवान सागवान के पेड़ों की अवैध कटाई!

इस पूरे घोटाले में सिर्फ जमीन ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक संपदा को भी भारी नुकसान पहुँचाया गया है। ‘झाड़ी जंगल’ क्षेत्र होने के कारण वहाँ प्राकृतिक रूप से खड़े बहुमूल्य सागवान और कीमती पेड़ों की बिना अनुमति के अवैध कटाई कर ली गई है। इन कीमती लकड़ियों को चोरी-छिपे ठिकाने लगा दिए जाने की चर्चाएँ भी जोरों पर हैं।

  1. बच्चों के भविष्य और जिंदगी से खिलवाड़: स्कूल के पास ही खतरनाक पटाखों का गोदाम और क्रशर!

इस मामले का सबसे खतरनाक और दिल दहला देने वाला पहलू यह है कि जहाँ मासूम बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं, उसी पवित्र शैक्षणिक परिसर के इर्द-गिर्द मौत का तांडव रचा जा रहा है:

क्रशर और खदान की गतिविधि: स्कूल के गेट के ठीक सामने पत्थर काटने का क्रशर बेधड़क चल रहा है। उड़ती धूल और भारी शोर के कारण वहाँ पढ़ने वाले छोटे बच्चों के फेफड़ों और स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

खतरनाक पटाखों का गोदाम: स्कूल, घनी आबादी वाले क्षेत्र और CNG पंप के बिल्कुल नजदीक स्थायी रूप से आतिशबाजी (पटाखों) का गोदाम चल रहा है। सीमित अनुमति की आड़ में वास्तव में 10 गुना अधिक विस्फोटक सामग्री का भंडारण किए जाने की जानकारी है। यहाँ फायर सेफ्टी के किसी नियमों का पालन नहीं किया जाता है।
मौत का तिराहा: स्कूल, CNG पंप और यह विस्फोटक पटाखों की फैक्ट्री एक-दूसरे के इतने करीब होने के बावजूद प्रशासन आँखें मूंदकर बैठा है। यदि जरा सी भी लापरवाही या दुर्घटना होती है, तो सैकड़ों मासूम विद्यार्थियों और नागरिकों की जान पल भर में होम हो सकती है।

‘महानगर मेट्रो’ का सीधा सवाल: कब जागेगा प्रशासनिक तंत्र?

जब सरकार की अपनी अधिकृत तकनीकी एजेंसी DILR द्वारा अतिक्रमण साबित हो चुका है, तब स्थानीय प्रशासन किसके दबाव में चुप बैठा है? क्या सत्ता के दम पर कानून को जेब में रखकर घूमने वाले इन रसूखदारों के खिलाफ गुजरात सरकार या जिला प्रशासन कोई मजबूत और नजीर पेश करने वाली कार्रवाई करेगा?

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