अभियोजन पक्ष आरोपों को युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित करने में रहा असफल
राजनांदगांव। डोंगरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम करियाटोला में सार्वजनिक स्थान पर ताश के पत्तों के माध्यम से रुपये-पैसों की हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेलने के आरोप से संबंधित प्रकरण में न्यायालय ने छह आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, राजनांदगांव पार्थ दबे ने 10 सितंबर 2026 को आपराधिक प्रकरण क्रमांक 9951/2024 में निर्णय पारित करते हुए अभियोजन साक्ष्य को दोषसिद्धि के लिए अपर्याप्त माना और आरोपियों को संदेह का लाभ प्रदान किया।
अभियोजन के अनुसार, 4 अगस्त 2024 को पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम करियाटोला स्थित स्कूल के समीप सार्वजनिक स्थान पर कुछ व्यक्ति ताश के पत्तों से रुपये-पैसों की हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस द्वारा मौके पर कार्रवाई की गई तथा कमलेश पडौती, निलेश गोड, राकेश निषाद, किशन निर्मलकर, खम्मन दास साहू एवं राजकुमार ठाकुर को पकड़े जाने का उल्लेख प्रकरण में किया गया। पुलिस द्वारा आरोपियों के कब्जे तथा कथित जुआ फड़ से कुल 2,450 रुपये नकद एवं 52 ताश के पत्ते जप्त किए जाने का दावा किया गया था।
उक्त घटनाक्रम के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 3(2) के अंतर्गत अभियोजन चलाया गया। विचारण के दौरान सभी आरोपियों ने आरोपों से स्पष्ट रूप से इनकार किया तथा स्वयं को निर्दोष बताते हुए झूठा फंसाए जाने की बात कही।
प्रकरण में अभियोजन पक्ष की ओर से विवेचक सहायक उपनिरीक्षक ईश्वर प्रसाद यादव सहित अन्य साक्षियों के बयान न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। हालांकि, न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के समग्र मूल्यांकन में यह तथ्य सामने आया कि जप्ती के स्वतंत्र साक्षियों ने अभियोजन की कहानी का समर्थन नहीं किया। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों एवं विवेचक के कथन का परीक्षण करते हुए अभियोजन के मामले में आवश्यक विश्वसनीयता एवं पुष्टता का अभाव पाया।
दोषसिद्धि के लिए केवल आरोप अथवा संदेह पर्याप्त नहीं होता, बल्कि अभियोजन को प्रत्येक आवश्यक तथ्य को युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित करना होता है। प्रस्तुत प्रकरण में न्यायालय इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को अपेक्षित कानूनी स्तर तक प्रमाणित करने में सफल नहीं रहा। ऐसी स्थिति में संदेह का लाभ आरोपियों के पक्ष में जाना न्यायिक सिद्धांत के अनुरूप है।
फलस्वरूप न्यायालय ने कमलेश पडौती, निलेश गोड, राकेश निषाद, किशन निर्मलकर, खम्मन दास साहू एवं राजकुमार ठाकुर, सभी निवासी ग्राम करियाटोला, थाना डोंगरगांव, जिला राजनांदगांव को छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 3(2) के आरोप से दोषमुक्त कर स्वतंत्र किए जाने का आदेश पारित किया।
न्यायालय ने प्रकरण में जप्त 52 ताश के पत्तों को अपील अवधि समाप्त होने के पश्चात, अपील प्रस्तुत नहीं किए जाने की स्थिति में नष्ट करने तथा जप्त 2,450 रुपये की नकद राशि शासन के पक्ष में राजसात करने के संबंध में भी आदेश पारित किया है।
दोषमुक्त किए गए आरोपी
- कमलेश पडौती
- निलेश गोड
- राकेश निषाद
- किशन निर्मलकर
- खम्मन दास साहू
- राजकुमार ठाकुर
सभी आरोपी — निवासी ग्राम करियाटोला, थाना डोंगरगांव, जिला राजनांदगांव।

