अहमदाबाद : गुजरात की राजनीति और अपराध की दुनिया में एक बड़ा धमाका हुआ है। गुजरात प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष गीताबेन पटेल का बेटा हरीकेश प्रणव पटेल फर्जी पासपोर्ट बनाकर विदेश यात्रा करने और कानून की आंखों में धूल झोंकने के गंभीर आरोप में गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वाड के हत्थे चढ़ गया है। प्रवर्तन निदेशालय और अदालत की कार्रवाई से बचने के लिए रचा गया यह पूरा घोटाला अब चौराहे पर खुलेआम सामने आ गया है।
असली पासपोर्ट अदालत में जमा होने के बावजूद दूसरा पासपोर्ट कैसे बना?
50 करोड़ रुपये के पावर बैंक ऐप फ्रॉड केस में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जांच चल रही थी, जिसके दौरान हरीकेश पटेल का असली पासपोर्ट अदालत के आदेश से जमा कर लिया गया था। पासपोर्ट के बिना विदेश जाना संभव न होने के कारण हरीकेश ने एक बड़ा षड्यंत्र रचा।
65 लाख रुपये का खर्च और गाजियाबाद से नकली पासपोर्ट
हरीकेश पटेल ने दिल्ली अपराध शाखा में अपना असली पासपोर्ट गुम होने की झूठी शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद दिल्ली और आगरा के फर्जी किरायेदारी करार बनाकर अपने आधार कार्ड में भी पता बदलवा दिया। इन जाली दस्तावेजों के आधार पर जुलाई 2024 में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से दूसरा नया पासपोर्ट बनवा लिया। यह पूरी सेटिंग करने के लिए उसने लगभग 65 लाख रुपये पानी की तरह बहा दिए, यह जांच में सामने आया है।
भूटान और नेपाल के रास्ते विदेश के चक्कर काटे
नकली पासपोर्ट हाथ में आने के बाद हरीकेश पटेल ने सीधी उड़ान लेने के बजाय चोर रास्ता अपनाया। वह भूटान होकर बैंकॉक, सिंगापुर और दुबई पहुंच गया और वापस आते समय नेपाल के रास्ते भारत में घुसा। कानूनी एजेंसियों की नजर से बचने के लिए उसने यह पूरा रास्ता तय किया था।
एटीएस ने साइंस सिटी से दबोचा, गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज
गुजरात एटीएस को पक्की सूचना मिली थी कि हरीकेश के पास दो-दो पासपोर्ट हैं और वह फर्जी पासपोर्ट पर विदेश यात्रा करके आया है। सूचना के आधार पर एटीएस ने अहमदाबाद के साइंस सिटी इलाके से हरीकेश पटेल को गिरफ्तार कर लिया। एटीएस पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता और पासपोर्ट अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अतीत में भी रहा है आपराधिक इतिहास
हरीकेश पटेल पहले 2015 के पाटीदार अनामत आंदोलन में सक्रिय था। इसके अलावा अहमदाबाद के नारनपुरा पुलिस स्टेशन में 2022 में और अपराध शाखा में 2023 में धोखाधड़ी, विश्वासघात और साइबर अपराध जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं।
अब महानगर मेट्रो उन एजेंटों और नेटवर्क की तलाश कर रही है जिन्होंने 65 लाख रुपये लेकर ये नकली दस्तावेज और पासपोर्ट बनाकर दिए थे। राजनीतिक पहुंच वाले परिवार की संतान की इस तरह गिरफ्तारी से पूरे राज्य की राजनीति में हड़कंप मच गया है।
महानगर मेट्रो

