जामिया मिल्लिया इस्लामिया के जम्मू और कश्मीर हॉस्टल में मेस के खाने को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद छात्राओं ने एक अधिकारी पर दबाव बनाने और पूछताछ करने का आरोप लगाया है। प्रशासन का कहना है कि हॉस्टल नियमों के पालन को लेकर छात्राओं से जानकारी ली जा रही है।
नई दिल्ली: जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पिछले दिनों हुए प्रोटेस्ट में शामिल छात्राओं ने अधिकारियों पर दबाव बनाने और धमकाने के आरोप लगाए हैं। छात्राओं का कहना है कि वह बेहद डरी हुई हैं और उन्हें अपने भविष्य को लेकर चिंता हो रही है। एक अधिकारी छात्राओं को रास्ते में रोककर सवाल पूछ रही हैं। हॉस्टल में भी जानकारी ली जा रही है।
पिछले दिनों जामिया के जम्मू और कश्मीर हॉस्टल की मेस में कीड़े निकलने का आरोप लगाकर छात्राओं ने सेंटेनरी गेट पर प्रदर्शन किया था।
तीन दिन तक प्रदर्शन चलने के बाद छात्राओं ने मेस का कॉन्ट्रैक्टर बदलने, हॉस्टल के कुछ अधिकारियों को हटाने की मांग की थी।
जामिया प्रशासन के दूसरे कॉन्ट्रैक्टर से खाना बनवाने के बाद प्रोटेस्ट खत्म हो गया। अब छात्राएं आरोप लगा हैं कि हॉस्टल की एक अधिकारी छात्राओं पर
अनावश्यक दबाव बना रही हैं।
इंजीनियरिंग की एक छात्रा ने बताया कि उन्हें बीच रास्ते में रोककर पूछा जा रहा है कि प्रोटेस्ट में क्यों शामिल हुई थीं।
वहीं, इस पूरे मामले पर जामिया के एक अधिकारी ने कहा कि वार्डन छात्राओं के हित में काम कर रही हैं। हॉस्टल रूल्स को फॉलो करने को कहा जा रहा है, लेकिन वह इसे ज्यादती बता रही हैं।
छात्राओं ने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की
छात्राओं का कहना है कि प्रदर्शन के बाद उनके साथ किसी तरह का दबाव या पूछताछ नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मामले को स्पष्ट करने और छात्राओं को परेशान नहीं किए जाने की मांग की है। वहीं, प्रशासन की ओर से कहा गया है कि हॉस्टल में नियमों के पालन को लेकर ही छात्राओं से जानकारी ली जा रही है।

