सूरत। गुजरात में शराबबंदी कानून को सड़क मार्ग के साथ-साथ रेलवे के जरिए भी चुनौती दिए जाने का मामला सामने आया है। मुंबई के बांद्रा से कच्छ के भुज जा रही बांद्रा-भुज एक्सप्रेस ट्रेन में कथित तौर पर बड़ी मात्रा में विदेशी शराब ले जाने की कोशिश की जा रही थी। सूरत रेलवे स्टेशन के आसपास संदिग्ध गतिविधि पर यात्रियों की नजर पड़ने के बाद मामले का खुलासा हुआ।
यात्रियों की सतर्कता से सामने आया मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रेन में सफर कर रहे जागरूक यात्रियों ने देखा कि सूरत स्टेशन और आसपास कुछ लोग बड़े-बड़े पार्सल और बैग में शराब की बोतलें रेलवे डिब्बे में चढ़ा रहे थे।
ट्रेन में इतनी बड़ी संख्या में शराब की बोतलें देखकर यात्रियों को संदेह हुआ। उन्होंने बिना देरी किए इसकी सूचना रेलवे पुलिस (जीआरपी) और सुरक्षा बल को दी।
बताया जा रहा है कि पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही संदिग्ध लोग वहां से फरार हो गए।
रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना सामने आने के बाद रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सूरत जैसे व्यस्त रेलवे स्टेशन पर इतनी बड़ी मात्रा में शराब ट्रेन में चढ़ाने की कोशिश कैसे हुई, इसे लेकर जांच की मांग की जा रही है।
यह भी पता लगाया जा रहा है कि शराब की यह खेप बांद्रा से किसने भेजी थी और गुजरात के किस शहर में इसकी डिलीवरी की जानी थी। इसके अलावा कथित तौर पर इसके पीछे किसी अंतरराज्यीय शराब तस्करी गिरोह की भूमिका थी या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
हालांकि, रेलवे पुलिस या किसी अधिकारी की मिलीभगत के संबंध में लगाए जा रहे सवालों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सीसीटीवी और कोच डाटा से आरोपियों की तलाश
घटना की सूचना मिलने के बाद रेलवे पुलिस ने ट्रेन से विदेशी शराब का पूरा जखीरा जब्त कर लिया और कानूनी कार्रवाई शुरू की।
पुलिस अब स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और ट्रेन के कोच से संबंधित डाटा की जांच कर रही है। इसके आधार पर शराब ट्रेन में चढ़ाने वाले लोगों की पहचान करने और कथित अंतरराज्यीय शराब तस्करी नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शराब की खेप कहां से लाई गई थी, इसे कहां पहुंचाया जाना था और इस पूरे मामले में कौन-कौन लोग शामिल थे।

