हेमंत वर्मा संवाददाता राजनांदगांव : राजनांदगांव शहर कांग्रेस कमेटी के पूर्व महामंत्री एवं पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने एक पत्र के माध्यम् से राजनांदगाँव जिले के कलेक्टर से यह मांग की है कि संस्कारधानी नगरी राजनांदगाँव में दिग्विजय क्लब को शासन द्वारा नजूल विभाग की जगह खेल-कूद एवं मनोरंजन हेतु जिन उद्देश्यों को ध्यान में रखकर शासन द्वारा आबंटित की गई थी और शासन द्वारा जो जगह दिग्विजय क्लब के नाम से आबंटित की गई उस जगह पर समिति के सदस्यों एवं पदेन अध्यक्ष शासन द्वारा निर्धारित अधिकारी नियुक्त होता है, लेकिन दिग्विजय क्लब के जिन सदस्यों के द्वारा शासन के नियम विरूद्ध कार्य करवाकर व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स का जो निर्माण नगर पालिक निगम कार्यालय के बाजू खैरागढ़ रोड़ पर जो निर्माण किया गया, उस पूरे व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स के निर्माण से संबंधित क्लब के सदस्यों एवं अधिकारियों के द्वारा जो व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स बनाने से संबंधित प्रस्ताव जिन सदस्यों ने हस्ताक्षर किया है और जिन सदस्यों ने उक्त निर्माण सें संबंधित अपना विरूद्ध दर्ज करवाया है उससे संबंधित सम्पूर्ण क्लब की कार्यालयीन मिनट बुक (रजिस्टर) में जो निर्णय पास हुआ है, उसकी पूरी उच्च स्तरीय जांच करवाई जायें, और दिग्विजय क्लब के द्वारा व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स निर्माण से पहले जो मालिकाना हक के दस्तावेज और दिग्विजय क्लब की संविधान की कापी एवं व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स निर्माण हेतु शासन के नियमानुसार जो नक्शा पास करवाया गया औैर शासन के संबंधित विभाग उप संचालक नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के द्वारा जो नक्शा जो स्वीकृत किया गया या नही उसकी जांच करवायी जायें एवं आयुक्त नगर पालिक निगम राजनांदगांव/ भवन नजूल शाखा के प्रभारी अधिकारी आदि के द्वारा उक्त व्यवसायिक भवन निर्माण की अनुज्ञा जो जारी की गई है, अनुज्ञा क्रं. ११८३५ दिनांक २८/०४/२०२३, प्रिंटेड २८/०४/२०२३ को जो अनुज्ञा जारी की गई उसकी जांच करवाई जायें क्या जारी अनुज्ञा शासन के नियमानुसार है या नियम विरूद्ध है और जो भवन निर्माण की अनुज्ञा जिस स्वीकृत नक्शें के तहत् जारी हुई है उस स्वीकृत नक्शे का पालन निगम द्वारा करवाया गया है या नही यह भी एक गंभीर जांच का विषय है क्योकि इतने बड़े व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स में पार्किं ग किस क्षेत्र में दर्शाया गया है और और किस क्षेत्र में पार्किंग हेतु जगह छोड़ी गई है वह भी एक जांच का गंभीर विषय है और निगम आयुक्त/ भवन प्रभारी अधिकारी आदि के द्वारा दिग्विजय क्लब को भवन पूर्णात: प्रमाण पत्र कब जारी हुआ उसका भी खुलासा करवाया जायें ताकि शहर की आम जनता को यह समझ में आ जायें की आम जनता शासन के नियम विरूद्ध आवासीय/ गैर आवासीय मकान आदि का निर्माण हो जाता है तो नियमों का हवाला देकर मकान तोडऩे आदि की नोटिस जारी हो जाती है और वहीं नगर पालिक निगम कार्यालय के जष्ट बाजू में इतना बड़ा व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण हो गया और निगम के भ्रष्ट अधिकारियों की नींद क्यों नही खुली? इसलिए जिले के दबंग कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव जी से चाहूँगा की जनहित और शासनहित में दिग्विजय क्लब के इस व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स के निर्माण आदि से संबंधित उच्च स्तरीय जांच कमेटी बनवाकर पूरा खुलासा १ माह के अंदर करवाने का कष्ट करें जिससे की भविष्य में कोई भी शासन से जिन उद्देश्य हेतु प्राप्त जगह शासन की जिन नियमों के तहत् प्राप्त हुई है उसका दुरूपयोग कोई संस्था का पदाधिकारी या शासन का पदेन अध्यक्ष आदि न कर सकें इसलिए निगम की भवन निर्माण की अनुज्ञा की अनुमति सें संबंधित संपूर्ण दस्तावेजों की जांच अति आवश्यक है और सभी दोषियों के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज करवाया जायें।

