गब्बर पहाड़ के पास पहाड़ियों के बीच बसे चुंदरीवाला माताजी के आश्रम में 97वीं जयंती श्रद्धा से मनाई गई। यह जयंती हर साल श्रावण मास की अष्टमी को होती है।
इस त्योहार के मौके पर नवचंडी यज्ञ, जन्म महोत्सव आरती समेत कई धार्मिक कार्यक्रम हुए। आदिवासी समुदाय ने पारंपरिक डांस किया। भक्तों ने केक काटकर और माताजी का गरबा खेलकर जोश के साथ जश्न मनाया।
गौरतलब है कि चुंदरीवाला माताजी को ब्राह्मण बने छह साल हो गए हैं, फिर भी उनके आश्रम में बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए आते हैं। भक्तों का मानना है कि भले ही माता शारीरिक रूप से मौजूद न हों, लेकिन वे हमेशा आत्मा के रूप में यहां मौजूद रहती हैं।
इस मौके पर मंदिर में अन्नकूट का भी आयोजन किया गया। भक्तों ने माँ की समाधि के दर्शन करके और आरती में शामिल होकर खुद को धन्य महसूस किया।

