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खाने में मिलावट करने वालों के खिलाफ प्रशांत क्यों बेबस हैं, यह एक बहस का सवाल है : सरकार ने हाथ खड़े किए, हेल्थ मिनिस्टर ने कहा, लोग अपनी सेहत का खुद ख्याल रखें

हेल्थ मिनिस्टर प्रफुल पंशेरिया ने कहा, बाहर का खाना न खाएं, हो सके तो घर पर ही पनीर वगैरह बनाएं
मिलावट के खिलाफ एक्शन लेने के बजाय, जिम्मेदार प्रशासन लोगों से खुद ही सावधान रहने को कह रहा है

अहमदाबाद

आने वाले दिनों में रक्षा बंधन, सत-आठम और जन्माष्टमी जैसे त्योहार आ रहे हैं और खाने की चीजों में मिलावट करने वाले पनीर, चीज़ वगैरह में ऐसे मिलावट कर रहे हैं जैसे उन्हें प्रशासन का कोई डर ही न हो और कई जगहों पर तो बासी और अनहेल्दी खाने की चीजें भी बेची जा रही हैं। गुजरात सरकार के हेल्थ डिपार्टमेंट ने भगवान भरोसे ही जनता से कहा है कि लोग बाहर की चीजें खाने के बजाय जितना हो सके घर पर ही पनीर वगैरह बनाकर खाएं। कहिए, अब जनता सरकारी सिस्टम पर भरोसा नहीं कर पा रही है और आम परिवार जो महीने में एक बार अपने परिवार के साथ बाहर खाने का प्लान बनाते हैं, उन्हें बीमार पड़ने के डर से मानेक चौक या दूसरे होटलों या रेस्टोरेंट में खाना पड़ता है।

हाल ही में सरकार ने एक बयान दिया और कहा कि श्रावण महीने के पवित्र दिनों में मिलावटी खाना बेचने वाले व्यापारियों के खिलाफ राज्य सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है। हेल्थ मिनिस्टर प्रफुलभाई पनशेरिया ने नागरिकों को श्रावण महीने की शुभकामनाएं दी हैं और कहा है कि मिलावटी लोगों के खिलाफ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ पॉलिसी है। उन्होंने नागरिकों की आस्था और सेहत से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की भी चेतावनी दी है।

आटे से लेकर घी और दूध तक की गहन जांच या सिर्फ एक ड्रामा?

हेल्थ डिपार्टमेंट और फूड एंड ड्रग रेगुलेटरी अथॉरिटी पूरे गुजरात में खाने की चीजों की जांच कर रही है। मौके पर छापेमारी की जा रही है और आटा, मावा, पनीर, घी और दूध समेत कई चीजों के सैंपल लिए जा रहे हैं। जांच के दौरान अगर कोई नकली या मिलावटी मात्रा पाई जाती है, तो उसे जब्त कर लिया जा रहा है और जिम्मेदार पार्टी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

भगवान के होते हुए भी घी सुरक्षित खरीदें

हेल्थ मिनिस्टर प्रफुलभाई पनशेरिया ने नागरिकों से अपील की है कि वे ‘पूजा का घी’ खरीदते समय खास तौर पर सावधान रहें। उन्होंने कहा कि आस्था के कारण लोग सिर्फ ‘पूजा का घी’ का लेबल देखकर प्रोडक्ट खरीद लेते हैं, लेकिन कुछ मामलों में ऐसे घी में मिलावट की संभावना होती है। इसलिए ऐसे नकली घी से दूर रहना चाहिए।

मंत्री जी, आप कितनी भी अपील करें, जिम्मेदारी आपकी ही रहेगी

मंत्री जी ने नागरिकों से अपील की है कि जहां तक ​​हो सके, नागरिक खाने की चीजें घर पर ही बनाएं या किसी ईमानदार व्यक्ति, किसी जानी-मानी कंपनी या होम इंडस्ट्री से खरीदें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई व्यापारी ज्यादा प्रॉफिट कमाने के लालच में खाने की चीजों में मिलावट करता है, तो राज्य सरकार उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी। जानकारों का कहना है कि नागरिकों से ऐसी अपील करने से मिलावट समेत अन्य मामलों में हेल्थ मिनिस्टर या हेल्थ डिपार्टमेंट की जिम्मेदारी कम नहीं हो जाती।

नकली डेयरी प्रोडक्ट्स के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर ड्रामा

हेल्थ डिपार्टमेंट की टीमें आने वाले समय में भी बिना इजाज़त और नकली डेयरी प्रोडक्ट्स बनाने या बेचने वाली यूनिट्स की सघन जांच करती रहेंगी। एनालॉग पनीर, चीज़, मावा और बटर जैसे प्रोडक्ट्स को गैर-कानूनी तरीके से बनाने या बेचने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

लोगों से ‘मिलावट-मुक्त गुजरात’ की अपील

हेल्थ मिनिस्टर ने लोगों से ‘मिलावट-मुक्त गुजरात’ कैंपेन के बारे में जागरूक होने की भी अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार की कार्रवाई के साथ-साथ लोगों को खरीदते समय सावधान रहना और संदिग्ध खाने की चीज़ों से दूर रहना ज़रूरी है। उन्होंने मिलावट के खिलाफ जागरूकता फैलाने में मीडिया द्वारा किए जा रहे काम की भी तारीफ़ की।

AMC फ़ूड डिपार्टमेंट के खिलाफ लोगों का गुस्सा

लोगों में AMC फ़ूड डिपार्टमेंट के खिलाफ भी गुस्सा है। गौरतलब है कि आज शहर के मोटेरा इलाके में जीमन रेस्टोरेंट में खाना खाने गए एक कस्टमर की रोटी में मक्खी निकली। कस्टमर ने होटल में मैनेजर और स्टाफ को दिखाकर हंगामा किया। पूरे मामले की शिकायत AMC फ़ूड डिपार्टमेंट से की गई और होटल पर गंदगी के लिए 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। हालांकि, अब होटल और रेस्टोरेंट में कुछ भी निकलने पर सिर्फ जुर्माना लगाया जाता है। एक परिवार जीमन रेस्टोरेंट में खाना खाने गया था। इस दौरान उन्होंने रोटी ऑर्डर की और जब उन्होंने देखा तो उसमें से एक मक्खी निकली हुई थी। उन्होंने मक्खी निकलने के बारे में जिम्मेदार व्यक्ति को बताया।

उन्होंने रेस्टोरेंट के जिम्मेदार व्यक्ति को बताया और नगर निगम के फूड डिपार्टमेंट में शिकायत की और रोटी का सैंपल देने की बात भी कही और फूड डिपार्टमेंट में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद फूड डिपार्टमेंट की एक टीम ने तुरंत वहां चेकिंग की। रेस्टोरेंट की चेकिंग के दौरान वहां गंदगी मिली, जिसके कारण फूड डिपार्टमेंट ने मोटेरा इलाके के जीमन रेस्टोरेंट पर 25000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

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