गुजरात में, नकली या मिलावटी दूध और खाने की चीज़ों के प्रोडक्शन और बिक्री के खिलाफ़ एडमिनिस्ट्रेशन समय-समय पर कड़ी चेकिंग और कानूनी कार्रवाई करता है। राज्य में फ़ूड सेफ्टी बनाए रखने और लोगों की हेल्थ की सुरक्षा के लिए, फ़ूड एंड ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन (FDCA) पूरे राज्य में रेड, सैंपल टेस्टिंग और कानूनी दखल देता है।
एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा की गई कानूनी और एडमिनिस्ट्रेटिव कार्रवाई:
क्रिमिनल कार्रवाई और जांच: मिलावटी या केमिकल दूध बनाने वालों के खिलाफ़ इंडियन पीनल कोड (IPC) और फ़ूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट (FSS एक्ट) के तहत FIR दर्ज की जाती हैं और इसमें शामिल संदिग्धों को हिरासत में लिया जाता है।
सैंपलिंग: FDCA टीम रेगुलर तौर पर राज्य भर में डेयरियों, चिलिंग सेंटर्स और ट्रांसपोर्ट टैंकरों से दूध और दूध से बने प्रोडक्ट्स (घी, पनीर, बटर, चीज़) के सैंपल लेती है और उन्हें एनालिसिस के लिए सरकारी लैब में भेजती है। लैब टेस्टिंग: सैंपल की क्वालिटी वडोदरा और दूसरी सरकारी एनालिटिकल लैब में चेक की जाती है। अगर सैंपल ‘अनसेफ’ या ‘सब-स्टैंडर्ड’ पाए जाते हैं, तो संबंधित यूनिट के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती है।
छापे और ज़ब्ती: जब अशुद्ध या नुकसानदायक केमिकल वाली मात्रा पाई जाती है, तो सिस्टम मौके पर ही सामान को ज़ब्त करके नष्ट कर देता है।
नागरिकों के लिए शिकायत और संपर्क सुविधा:
अगर किसी नागरिक के पास मिलावटी दूध, दूध के प्रोडक्ट या दूसरी मिलावटी खाने की चीज़ों के बारे में कोई जानकारी या शिकायत है, तो वे सीधे फूड एंड ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन से संपर्क कर सकते हैं।
ईमेल एड्रेस: comfdca@gujarat.gov.in
संपर्क: लोकल डिस्ट्रिक्ट फूड सेफ्टी ऑफिसर (FSO) या डेजिग्नेटेड ऑफिसर (DO) से संपर्क करके शिकायत दर्ज की जा सकती है।

