मानसून सीजन में पहली बार बरगी बांध (रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना) के नौ गेट खोल दिए गए हैं। सुबह 11:30 बजे नौ गेटों को औसतन 0.78 मीटर खोलकर 1031 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे नर्मदा नदी का जलस्तर निचले घाटों पर करीब चार फीट तक बढ़ने की संभावना है।
जबलपुर: जिले में स्थित रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना यानी बरगी बांध का जलस्तर लगातार बढ़ने के बाद मानसून सीजन में पहली बार इसके नौ जलद्वार खोल दिए गए हैं। जलस्तर को नियंत्रित रखने और सुरक्षा के लिहाज से बांध प्रबंधन ने यह कदम उठाया है। मंगलवार सुबह 11:30 बजे बांध के नौ गेटों को औसतन 0.78 मीटर की ऊंचाई तक खोला गया, जिससे करीब 1031 क्यूमेक पानी लगातार छोड़ा जा रहा है। पानी छोड़े जाने के साथ ही नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से ऊपर उठने लगा है।
निचले घाटों पर चार फीट तक बढ़ा जलस्तर
बांध से पानी छोड़े जाने का असर तुरंत जबलपुर के प्रमुख घाटों पर देखने को मिला। मंगलवार सुबह पानी छोड़े जाने के बाद गौरीघाट, तिलवारा और भेड़ाघाट सहित नर्मदा के निचले क्षेत्रों के तमाम घाटों में जलस्तर तेजी से बढ़ा। अनुमान लगाया जा रहा है कि इन घाटों पर पानी का स्तर करीब चार फीट तक ऊपर आ चुका है। पानी बढ़ने की इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और बांध प्रबंधन ने तटीय इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए हैं और सतर्कता बढ़ा दी है।
सूखे हुए हिस्से भी हुए जलमग्न
बांध प्रबंधन के अनुसार, जब सुबह 11:30 बजे नौ गेटों से 1031 क्यूमेक पानी छोड़ा गया, तो बरगी बांध का वह एरिया भी पूरी तरह जलमग्न हो गया जो बारिश न होने के कारण सूखा हुआ था। इस सूखे इलाके तक आम लोग आसानी से पहुंचकर घूमा करते थे। वर्तमान में बांध का जलस्तर 421.00 मीटर दर्ज किया गया है। बांध की कुल उपयोगी क्षमता 2730 एमसीएम यानी 85.85 प्रतिशत है, जबकि पानी की औसत आवक 1200 क्यूमेक बनी हुई है।
बरगी बांध के नौ गेट औसतन 0.78 मीटर की ऊंचाई तक खोले गए।
बांध से वर्तमान में 1031 क्यूमेक और पावर हाउस (आरबीपीएच) से 195 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है।
गौरीघाट, तिलवारा और भेड़ाघाट के निचले हिस्सों में जलस्तर चार फीट तक बढ़ने की संभावना है।
पिछले 24 घंटों में जलभराव क्षेत्र में औसतन 7.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
पिछले साल आज ही के दिन बांध का जलस्तर 420.20 मीटर (78.80 प्रतिशत क्षमता) था।
पर्यटकों में उत्साह, प्रशासन की कड़ी चेतावनी
बरगी बांध के गेट खुलने का यह नजारा मानसून के दौरान पर्यटकों के लिए हमेशा से मुख्य आकर्षण का केंद्र रहता है। जैसे ही बांध के जलद्वार खुले, बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग नजारा देखने के लिए बांध परिसर पहुंचने लगे। कई लोगों ने इस अद्भुत दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया। हालांकि, पानी के तेज बहाव और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने लोगों को सख्त हिदायत दी है।

