मिनिमम वेज ₹30,000 करने, पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) फिर से शुरू करने और पक्की नौकरी की ज़ोरदार मांग: लाखों आशा वर्कर, आंगनवाड़ी, ST कॉर्पोरेशन और मिड-डे मील कर्मचारी मैदान में उतरे!
अहमदाबाद/गांधीनगर: सरकार द्वारा मज़दूरों और कर्मचारियों के लंबे समय से पेंडिंग मुद्दों को हल न करने पर, देश और राज्य के सबसे बड़े मज़दूर संगठन ‘भारतीय मज़दूर संघ’ (BMS) ने आखिरकार आर-पार की लड़ाई का बिगुल बजा दिया है। सैलरी बढ़ोतरी, हायर पेंशन और जॉब सिक्योरिटी समेत कई पेंडिंग मुद्दों पर आज गुजरात के सभी जिला हेडक्वार्टर पर भारतीय मज़दूर संघ के नेतृत्व में राज्य भर में धरना प्रदर्शन और विरोध रैलियां आयोजित की गई हैं। पूरे राज्य में छोटे-बड़े कैडर की 161 से ज़्यादा यूनियनें इस बड़े आंदोलन में एक साथ आ रही हैं।
कर्मचारियों और लेबर यूनियनों की मुख्य मांगें क्या हैं?
राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर हुए इस विरोध प्रदर्शन में, भारतीय मजदूर संघ ने सरकार के सामने अपनी मज़बूत मांगों का एक चार्टर पेश किया है:
न्यूनतम वेतन: मज़दूरों और कर्मचारियों के लिए कम से कम ₹30,000 प्रति माह का न्यूनतम वेतन तय किया जाए।
पेंशन स्कीम: पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) को फिर से लागू किया जाए और EPF और ESI की वेतन सीमा को तुरंत बढ़ाया जाए।
मानदेय पाने वालों को परमानेंट किया जाए: आशा वर्कर, आंगनवाड़ी वर्कर-टेडा घर बहनों और मिड-डे मील (PM पोषण) कर्मचारियों को सिर्फ़ मामूली मानदेय देने के बजाय, उन्हें परमानेंट सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
लेबर कोड में बदलाव: कर्मचारियों और वर्करों के ख़िलाफ़ कानूनों या नियमों में तुरंत बदलाव किए जाएं। हर कोने से कर्मचारी उमड़े, एडमिनिस्ट्रेटिव सिस्टम में
अफरा-तफरी
इस आंदोलन में सिर्फ सरकारी या सेमी-गवर्नमेंट ही नहीं बल्कि ST. कॉर्पोरेशन यूनियन, कलेक्टर ऑफिस के कॉन्ट्रैक्ट वाले कर्मचारी, रिक्शा एसोसिएशन और अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर के लाखों वर्कर एक साथ आए हैं। सभी डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर ऑफिस के सामने बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है और डिस्ट्रिक्ट
कलेक्टर के ज़रिए राज्य और केंद्र सरकार को सख्त चेतावनी वाला लेटर भेजा जा रहा है।
लेबर यूनियन के नेताओं ने साफ चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द से जल्द इन पेंडिंग मांगों का हल नहीं निकाला तो आने वाले दिनों में पूरे राज्य में एडमिनिस्ट्रेटिव और ट्रांसपोर्ट सर्विस रोक दी जाएंगी और एक बहुत ही उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।

