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यमुना प्राधिकरण ने 6 फीसदी बढ़ाईं जमीन के मुआवजे की दरें, गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर दोनों जिलों में लागू

यमुना प्राधिकरण की 92वें बैठक में जमीन के मुआवजे की दरों में 6फीसदी बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिससे दरें 4558 रुपये प्रति वर्गमीटर हो गई हैं।

ग्रेटर नोएडा: यमुना प्राधिकरण ने जमीन के मुआवजे की दरों में 6 फीसदी बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिससे दरें 4300 रुपये प्रति वर्गमीटर से बढ़कर 4558 रुपये प्रति वर्गमीटर हो गई हैं। यह फैसला यीडा बोर्ड की 92वें बैठक में लिया गया है। इसका प्रभाव आवंटन दरों पर भी पड़ेगा। ग्रेटर नोएडा में मुआवजा बढ़ाने के फैसले के खिलाफ किसान अपना विरोध जारी रखे हुए हैं, जबकि यमुना प्राधिकरण ने जमीन के मुआवजे की दरों को फिर से निर्धारित कर दिया है।

इस बार दरों में छह प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। नतीजतन, यीडा में जमीन का मुआवजा 4,300 रुपये प्रति वर्गमीटर से बढ़ाकर 4,558 रुपये प्रति वर्गमीटर कर दिया गया है। सात प्रतिशत आबादी वाले भूखंडों के लिए मुआवजा दर 4,037 रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित की गई है। यह मुआवजा वृद्धि यीडा बोर्ड की सोमवार को हुई 92वें बैठक में मंजूर की गई।

यीडा ने मुआवजा दरें तय करते हुए इजाफा किया

यह दरें गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर दोनों जिलों पर लागू होंगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए जब जमीन अधिग्रहण की दर 4,300 रुपये प्रति वर्गमीटर रखी गई थी, तब प्रदेश सरकार ने यीडा के अधिसूचित क्षेत्र के लिए भी वही मुआवजा 4,300 रुपये प्रति वर्गमीटर निश्चित कर दिया था। विकास कार्यों को तेज करने और औद्योगिक विस्तार के लिए लैंड बैंक तैयार करने के उद्देश्य से यीडा ने मुआवजा दरें फिर से तय करते हुए छह प्रतिशत का इजाफा किया है।

यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह के अनुसार, किसानों से सहमति से जमीन खरीदने पर सामान्य मुआवजा दर 4,558 रुपये प्रति वर्गमीटर और सात प्रतिशत आबादी वाले भूखंडों के लिए 4,037 रुपये प्रति वर्गमीटर दी जाएगी। मुआवजा बढ़ाने से यमुना प्राधिकरण के लिए औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए किसानों से जमीन प्राप्त करना आसान हो जाएगा।

जमीन का मुआवजा बढ़ने का असर यमुना प्राधिकरण की आवंटन दरों पर भी दिखाई देगा। इस वित्त वर्ष के लिए प्राधिकरण ने आवंटन दरों में पहले ही 3.58 प्रतिशत की वृद्धि की थी। किसान से खरीदी गई जमीन का करीब 55 प्रतिशत ही आवंटन के काम आता है। बाकी भूमि हरित क्षेत्र, सड़कों व अन्य अधोसंरचना तथा किसानों के सात प्रतिशत भूखंडों में प्रयुक्त होती है। जमीन खरीद महँगी होने से भविष्य में यीडा क्षेत्र की आवंटन दरें और बढ़ने की संभावना है।

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