गिर सोमनाथ जिले से सामने आया एक सनसनीखेज वीडियो राज्य की पॉलिटिक्स और कानून व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लगाता है। गुजरात में आम लोगों को यह मैसेज जा रहा है कि जैसे ही गिर सोमनाथ का बॉर्डर शुरू होता है, राज्य के होम मिनिस्टर हर्ष संघवी और सरकार का कानून खत्म हो जाता है, और वहीं से पूर्व BJP MP दीनू बोधा सोलंकी का ‘राज’ शुरू होता है।
एरीठिया गांव के पीड़ित परिवार की दर्दनाक व्यथा
एरीठिया गांव के एक पीड़ित परिवार के साथ हुए अन्याय और ज़ुल्म इस वीडियो में साफ तौर पर सामने आ रहे हैं। खासिया मुन्नाभाई द्वारा जारी यह वीडियो इतना दिल दहला देने वाला और चौंकाने वाला है कि यह सत्ता के सबसे ऊंचे शिखर पर बैठे मुख्यमंत्री को भी हिला देगा। लेकिन दुख की बात यह है कि इतने गंभीर प्रदर्शन और अन्याय के शोर के बावजूद सरकार चुपचाप बैठी है।
पॉलिटिकल वज़न या कानून का राज?
अंदरखाने चर्चा में आई और जिस पर बहुत बहस हुई, उसके मुताबिक दीनू बोधा सोलंकी देश के होम मिनिस्टर अमित शाह के बहुत करीबी और पर्सनल दोस्त माने जाते हैं। इसी पॉलिटिकल असर और रिश्तों की वजह से राज्य सरकार या लोकल एडमिनिस्ट्रेशन उन पर उंगली भी नहीं उठा सकता। कानून लागू करने वाली एजेंसियां और लोकल पुलिस सत्ता के इस ज़बरदस्त दबदबे के आगे बेबस दिख रही हैं।
जनता का सवाल: यह ज़बरदस्ती कब तक चलेगी?
जनता अब खुद को डिसिप्लिन्ड और कानून मानने वाली सरकार कहने वाली BJP सरकार से सीधा सवाल पूछ रही है:
क्या पॉलिटिकल रिश्ते कानून और इंसाफ से ऊपर हैं?
क्या सरकार पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए दीनू बोधा सोलंकी के खिलाफ कोई एक्शन लेने की हिम्मत करेगी?
क्या गिर सोमनाथ के लोगों के लिए कानून अलग है और बाकी गुजरात के लिए अलग?
अगर पीड़ितों को वीडियो में दिखाए गए तरीके से इंसाफ नहीं मिला, तो यह पक्का है कि राज्य सरकार की ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ पॉलिसी सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहेगी।

