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डभोई में साइबर ठगी: संदिग्ध लिंक पर क्लिक करते ही युवक के खाते से उड़ाए 3 लाख रुपये

उपशीर्षक: ई-चालान के नाम पर भेजा था फर्जी संदेश, मोबाइल में अपने आप डाउनलोड हुआ संदिग्ध ऐप; मोटरसाइकिल मरम्मत का काम करने वाले युवक ने साइबर प्रकोष्ठ में दर्ज कराई शिकायत

डभोई। गुजरात के डभोई तालुका में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है, जहां एक युवक को ई-चालान के नाम पर भेजे गए संदिग्ध लिंक पर क्लिक करना भारी पड़ गया। लिंक खोलते ही उसके मोबाइल में एक फर्जी ऐप डाउनलोड हो गया और कुछ ही देर में उसके बैंक खाते से 3 लाख रुपये से अधिक की रकम निकाल ली गई। अपनी मेहनत की कमाई गंवाने के बाद युवक ने साइबर सहायता केंद्र से संपर्क कर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

जानकारी के अनुसार, डभोई तालुका के चनोद के पास स्थित नवा मांडवा गांव निवासी 29 वर्षीय अजय प्रवीणभाई माछी मोटरसाइकिल मरम्मत का काम करते हैं। इसी काम से होने वाली आमदनी के जरिए वह अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। गत 12 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे वह अपने गैरेज में काम कर रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से वाहन के ई-चालान से संबंधित संदेश आया। संदेश के साथ ‘व्हीकल एसजी ई-चालान’ नाम का एक संदिग्ध लिंक भी भेजा गया था।

अजय ने संदेश को अपने वाहन के चालान से संबंधित समझा और बिना उसकी सत्यता की जांच किए लिंक पर क्लिक कर दिया। इसके बाद उनके मोबाइल में ‘एम परिवहन नेक्स्ट जनरेशन’ नाम का एक ऐप अपने आप डाउनलोड हो गया। बताया गया है कि यह वास्तविक सरकारी ऐप नहीं, बल्कि ठगी के उद्देश्य से तैयार किया गया फर्जी ऐप था।

ऐप डाउनलोड होने के बाद साइबर ठगों ने कथित तौर पर उनके मोबाइल तक पहुंच बना ली। इसके कुछ ही समय बाद उनके बैंक खाते से बिना जानकारी और अनुमति के लगातार कई लेनदेन होने लगे। जब तक युवक को खाते से रकम निकलने का पता चला, तब तक कुल 3 लाख 501 रुपये की राशि निकाली जा चुकी थी।

बैंक खाते से इतनी बड़ी रकम निकलने की जानकारी मिलने पर अजय माछी के होश उड़ गए। मोटरसाइकिल मरम्मत का काम करके जुटाई गई मेहनत की कमाई इस तरह गंवाने के बाद उन्होंने तुरंत साइबर सहायता केंद्र से संपर्क किया। इसके बाद पुलिस थाने पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, संदिग्ध लिंक और फर्जी ऐप से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। साथ ही बैंक खातों में हुए लेनदेन और आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर मोबाइल पर आने वाले अनजान संदेशों और ई-चालान के नाम पर भेजे जाने वाले फर्जी लिंक को लेकर सतर्क रहने की जरूरत उजागर की है।

रकम की प्रस्तुति स्पष्ट करेंखबर को थोड़ा संक्षिप्त करेंपुलिस कार्रवाई वाला हिस्सा संयमित करें

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