मुंबई पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (केजेपी) के दो अक्टूबर को शिवाजी पार्क में किए गए विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में शनिवार को आयोजकों और 400-500 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।
मुंबई: शिवाजी पार्क सिटिज़न्स फोरम ने पुलिस से ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। फोरम का आरोप है कि शिवाजी पार्क में पार्टी के 2 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक बुजुर्ग की मौत हो गई। फोरम ने इस मौत के मामले में दिपके के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। स्थानीय लोगों ने भी आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान 75 वर्षीय व्यक्ति की हार्ट अटैक से मौत
शुक्रवार शाम मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के दौरान केरल के एक 75 वर्षीय व्यक्ति की हार्ट अटैक से मौत हो गई। मृतक की पहचान ठाणे के दोस्ती वेस्ट काउंटी, बी विंग के निवासी गोपालकृष्ण सुब्बैया पिल्लई के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि पिल्लई केरल से मुंबई आए थे और ठाणे में रह रहे थे। वे विरोध प्रदर्शन देखने के लिए शाम करीब 4:30 बजे शिवाजी पार्क पहुंचे थे।
पुलिसवालों ने दी सीपीआर, पर नहीं बची जान
हार्ट अटैक आने के बाद, उनके दोस्त और विरोध प्रदर्शन स्थल पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें शिवाजी पार्क के सुश्रुषा अस्पताल ले जाने में मदद की। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने CPR देकर उन्हें बचाने की कोशिश भी की, लेकिन उनकी कोशिशें नाकाम रहीं। पुलिस ने बताया कि अस्पताल में इलाज के दौरान पिल्लई की मौत हो गई।
लगभग 500 लोगों पर केस
मुंबई पुलिस ने विरोध प्रदर्शन के आयोजकों के खिलाफ FIR दर्ज की इस बीच, CJP के विरोध प्रदर्शन के आयोजकों और 400-500 अज्ञात समर्थकों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एक अलग मामला दर्ज किया गया। मुंबई पुलिस ने बताया कि शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में विरोध प्रदर्शन के आयोजकों और अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
‘साइलेंट जोन में CJP ने कैसे किया प्रदर्शन’
शिवाजी पार्क के निवासी संतोष पावस्कर ने आरोप लगाया कि स्थानीय निवासियों ने विरोध प्रदर्शन से कुछ दिन पहले अधिकारियों से संपर्क किया था और अनुरोध किया था कि इस सभा के लिए अनुमति न दी जाए। पावस्कर ने कहा कि हमने दो दिन पहले एक ज्ञापन सौंपा था जिसमें कहा गया था कि उन्हें (CJP) अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। बिना औपचारिक अनुमति के भी, वे जबरदस्ती आए, एक मंच बनाया और अपनी गतिविधियां कीं। पावस्कर ने आरोप लगाया कि शिवाजी पार्क एक साइलेंट जोन है और कहा कि इस जगह पर विरोध प्रदर्शन करने के लिए आयोजकों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
हम लगातार चेतावनी दे रहे थे कि स्थानीय निवासियों के साथ भी ऐसी घटना हो सकती है। आखिरकार, जो व्यक्ति गुज़रा, वह एक इंसान था। आज, अभिजीत दिपके इसके लिए जवाबदेह हैं। बस जिम्मेदारी से बच नहीं सकते; वह इससे भाग नहीं सकते। स्थानीय नागरिक
2 अक्टूबर को हुआ था प्रदर्शन
यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 189 और 223, और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(1)(3) और 135 के तहत दर्ज किया गया है। यह घटनाक्रम 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP कार्यकर्ताओं और अन्य नागरिक समाज संगठनों द्वारा चुनाव आयोग और ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न’ (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आयोजित विरोध प्रदर्शन के बाद हुआ है।
सीजेपी को नहीं मिली थी प्रदर्शन की अनुमति
इससे पहले, शिवाजी पार्क की रहने वाली और वकील सिद्धि देओलेकर ने शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में CJP कार्यकर्ताओं अभिजीत दिपके, आशुतोष रंका, सौरव दास और रत्ना सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उन्होंने इजाज़त न मिलने के बावजूद विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
X पर एक पोस्ट में, देओलेकर ने कहा कि CJP नेताओं दिपके, रंका, दास और रत्ना सिंह (जो कॉकरोच जनता पार्टी की लीगल अफेयर्स हेड हैं) और अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने इजाज़त न मिलने के बावजूद विरोध प्रदर्शन किया और भारी भीड़ जुटाई।

