नियम तोड़ा तो होगा शुद्धिकरण: अयोध्या राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने नई दिशा-निर्देश जारी किए!
अयोध्या। भगवान श्री राम के भव्य मंदिर में पूजा और मर्यादा बनाए रखने के लिए, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पुजारियों के लिए बहुत सख्त नियम और नया आचार संहिता लागू किया है। मंदिर की पवित्रता, अनुशासन और सनातन परंपराओं को बनाए रखने के मकसद से तैयार की गई इन नई दिशा-निर्देशों को तोड़ने वाले पुजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और शुद्धिकरण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
गर्भगृह के लिए सख्त नियम: मोबाइल फ़ोन पर पूरी तरह बैन
नई दिशा-निर्देशों के मुताबिक, मंदिर के गर्भगृह और पूजा की जगह को बनाए रखने के लिए ये सख्त नियम लागू किए गए हैं: पूजा में सेवा करने वाले सभी पुजारियों के लिए तय वैदिक वेशभूषा पहनना और सिर पर एक खास तिलक लगाना ज़रूरी कर दिया गया है। गर्भगृह में मोबाइल फ़ोन पर बैन: कोई भी पुजारी या सेवक गर्भगृह के अंदर मोबाइल फ़ोन नहीं ले जा सकेगा। डिजिटल उपकरण के इस्तेमाल पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया है। अगर कोई पुजारी अनजाने में या अपनी मर्ज़ी से इस सीमा या पवित्रता के नियम को तोड़ता है, तो उसे और जगह को शास्त्रों के बताए गए रीति-रिवाजों के हिसाब से शुद्ध किया जाएगा।
ट्रस्ट का सनातन परंपरा और अनुशासन पर ज़ोर
राम मंदिर ट्रस्ट के मुताबिक, देश-विदेश से आने वाले करोड़ों भक्तों की आस्था के केंद्र राम मंदिर में पुजारियों का अनुशासन और व्यवहार सबसे ज़रूरी है। यह फ़ैसला इसलिए लिया गया है ताकि सेवा और पूजा के दौरान कोई ध्यान न भटके और सात्विक माहौल बना रहे। ये नई दिशा-निर्देश सभी मुख्य और सहायक पुजारियों को दे दी गई हैं और इनका सख्ती से पालन पक्का करने के लिए पर्यवेक्षक भी तैनात किए गए हैं।

